हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में CBSE स्कूलों में शिक्षक भर्ती अधर में, 158 स्कूलों से 2217 छात्रों ने नाम वापस लिया

Kavita2
5 July 2026 11:50 AM IST
हिमाचल में CBSE स्कूलों में शिक्षक भर्ती अधर में, 158 स्कूलों से 2217 छात्रों ने नाम वापस लिया
x

Himachal हिमाचल : हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का मामला लंबे समय से लटका हुआ है। चयन परीक्षा की मेरिट के आधार पर भर्ती की जाए या कोई अन्य प्रक्रिया अपनाई जाए, इस पर राज्य सरकार अब तक अंतिम निर्णय नहीं ले पाई है। इसी देरी का असर स्कूलों और छात्रों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

जानकारी के अनुसार, राज्य के 158 CBSE स्कूलों से 2217 विद्यार्थियों ने नाम वापस लेकर अन्य सरकारी या निजी स्कूलों में दाखिला ले लिया है। शिक्षा विभाग ने इस पूरी स्थिति की रिपोर्ट सचिव शिक्षा राकेश कंवर को भेज दी है।

मामला अब भी अदालत और प्रशासनिक स्तर पर अटका हुआ है, जबकि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया पर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी है। इससे स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है, जिसका सीधा असर पढ़ाई पर पड़ रहा है।

इस बीच कैबिनेट सब कमेटी, जिसका गठन उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में किया गया था, ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इस समिति में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी शामिल थे।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में चयन परीक्षा की मेरिट के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति करने की सिफारिश की है। हालांकि, रिपोर्ट सरकार के पास पहुंचने के बावजूद अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और कई विषयों में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

उधर, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है। कई स्कूलों में छात्र संख्या में कमी दर्ज की गई है, जिसका एक बड़ा कारण शिक्षकों की कमी और अनिश्चित भर्ती प्रक्रिया को माना जा रहा है।

सरकार की ओर से इस मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो आने वाले समय में सरकारी CBSE स्कूलों की स्थिति और कमजोर हो सकती है।

फिलहाल पूरा मामला सरकार के स्तर पर विचाराधीन है और सभी की नजर इस पर है कि अंतिम फैसला कब लिया जाता है।

Next Story