हिमाचल प्रदेश

मंदिर की सुगम दर्शन पर्ची में गड़बड़ी के आरोप जांच के घेरे में व्यवस्था

nidhi
28 Aug 2026 8:12 AM IST
मंदिर की सुगम दर्शन पर्ची में गड़बड़ी के आरोप जांच के घेरे में व्यवस्था
x
चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन

शिमला : हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित प्रसिद्ध माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई सुगम दर्शन पर्ची व्यवस्था मंदिर न्यास के लिए बड़ी आय का माध्यम बन गई है। इस व्यवस्था से अगस्त 2023 से जून 2026 तक मंदिर को 16 करोड़ 38 लाख रुपये से ज्यादा की आय हुई है। वहीं, पर्ची सॉफ्टवेयर में सामने आई कुछ अनियमितताओं को लेकर पुलिस जांच भी शुरू कर दी गई है।

सुगम दर्शन प्रणाली का उद्देश्य श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत देकर आसानी से दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना था। मंदिर प्रशासन ने 8 अगस्त 2023 से इस व्यवस्था की शुरुआत की थी। इसके तहत श्रद्धालु निर्धारित शुल्क देकर लिफ्ट गेट के माध्यम से सुगम दर्शन कर सकते हैं।
तीन साल में 16.38 करोड़ रुपये की आय
विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार की ओर से सुगम दर्शन पर्ची से हुई कमाई का आंकड़ा पेश किया गया। इसके अनुसार अगस्त 2023 से दिसंबर 2023 तक मंदिर को करीब 1.43 करोड़ रुपये की आय हुई। इसके बाद वर्ष 2024 में यह आय बढ़कर 4.66 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई। साल 2025 में सुगम दर्शन पर्चियों से करीब 6.09 करोड़ रुपये की कमाई हुई। वहीं, वर्ष 2026 में 30 जून तक ही 4.19 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय दर्ज की गई। इस तरह कुल आय 16.38 करोड़ रुपये से अधिक हो गई।
क्या है सुगम दर्शन व्यवस्था?
माता चिंतपूर्णी मंदिर में शुरू की गई सुगम दर्शन प्रणाली के तहत श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन की सुविधा दी जाती है। सामान्य श्रद्धालुओं के लिए एक पास की कीमत 1100 रुपये निर्धारित है, जिसमें पांच लोगों को दर्शन की अनुमति दी जाती है। दिव्यांग और गंभीर बीमारी से पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए 50 रुपये शुल्क में सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। एक पास के साथ एक सहायक को भी जाने की अनुमति दी जाती है।
सॉफ्टवेयर में मिली अनियमितता
सुगम दर्शन पर्ची व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठे हैं। सरकार के अनुसार मंदिर न्यास कार्यालय को पर्ची वितरण में अनियमितता की कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी, लेकिन मंदिर अधिकारी द्वारा सॉफ्टवेयर की जांच के दौरान कुछ गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बाद संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुरू हुई थी व्यवस्था
माता चिंतपूर्णी मंदिर हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल है। यहां सालभर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र और अन्य धार्मिक अवसरों पर मंदिर में भारी भीड़ रहती है। सुगम दर्शन व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और बुजुर्गों व दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना था। हालांकि अब सॉफ्टवेयर अनियमितताओं की जांच के बाद व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी नजर रखी जा रही है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
मंदिर प्रशासन और पुलिस जांच के बाद यह तय होगा कि सॉफ्टवेयर में किस स्तर की अनियमितताएं हुईं और इसमें किसी की जिम्मेदारी बनती है या नहीं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

Next Story