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हिमाचल प्रदेश
हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को मिली चुनौती
SHIDDHANT
17 Jun 2026 8:18 PM IST

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Delhi दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के एक न्यायिक अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की है। याचिका में न्यायिक अधिकारी ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की हालिया सिफारिश को चुनौती दी है। दरअसल, न्यायिक अधिकारी की तरफ से यह याचिका इस शिकायत के साथ दायर की गई कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जज के तौर पर प्रमोशन के लिए जूनियर अधिकारियों के नामों की सिफारिश की गई।
जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के एक न्यायिक अधिकारी अरविंद मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में जज के तौर पर नियुक्ति के लिए तीन न्यायिक अधिकारियों के नाम सुझाए जाने को चुनौती दी है। अरविंद मल्होत्रा का कहना है कि उनकी वरिष्ठता को दरकिनार कर इन जूनियर अधिकारियों की हाई कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति की सिफारिश भेजी गई है। उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। 3 जून को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल के नाम हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में जज के तौर पर नियुक्त करने के लिए सरकार को भेजे थे।
यह याचिका धर्मशाला फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज अरविंद मल्होत्रा ने दायर की। बुधवार को वकील की ओर से सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने जल्द सुनवाई की मांग की गई। चीफ जस्टिस ने जल्द सुनवाई का भरोसा दिया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम सीनियर जजों का एक पैनल होता है। यह पैनल भारत के सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति, पदोन्नति और तबादलों का निर्णय करता है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) और सुप्रीम कोर्ट के चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं। यह पैनल जजों की नियुक्ति के लिए नामों पर विचार करता है और केंद्र सरकार को योग्य वकीलों या हाईकोर्ट जजों के नाम सुझाता है।
केंद्र सरकार इन नामों की जांच करती है और यदि कोई आपत्ति हो तो नाम कॉलेजियम के पास वापस भेज सकती है। यदि कॉलेजियम उसी नाम को बिना किसी बदलाव के दोबारा सरकार के पास भेजता है, तो सरकार को उस व्यक्ति की नियुक्ति करनी ही होती है।
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