हिमाचल प्रदेश

IGMC शिमला में OPD शिफ्टिंग पर स्टेट मेडिकल फैकल्टी ने जताई आपत्ति

Ratna Netam
24 April 2026 2:46 PM IST
IGMC शिमला में OPD शिफ्टिंग पर स्टेट मेडिकल फैकल्टी ने जताई आपत्ति
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IGMC) शिमला में गायनेकोलॉजी OPD को शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर स्टेट मेडिकल फैकल्टी बॉडी ने कड़ा विरोध जताया है। फैकल्टी ने इसे ‘अतार्किक कदम’ करार देते हुए कहा कि इससे मरीजों और अस्पताल प्रशासन दोनों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
फैकल्टी ने कहा कि वर्तमान में OPD की स्थिति मरीजों और कर्मचारियों की सुविधा के हिसाब से बेहतर है। यदि इसे IGMC शिफ्ट किया जाता है तो संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की भीड़ और आपातकालीन सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। फैकल्टी ने यह भी बताया कि शिफ्टिंग का निर्णय चिकित्सकीय दृष्टिकोण और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करता।
स्टेट मेडिकल फैकल्टी बॉडी के अध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल में फैसले केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा, सुविधाओं की उपलब्धता और चिकित्सकों की कार्यशैली को ध्यान में रखना जरूरी है। इसके बिना शिफ्टिंग केवल दिक्कतों को बढ़ाएगी।
मेडिकल फैकल्टी ने प्रशासन से अपील की है कि OPD शिफ्टिंग पर निर्णय लेने से पहले पूरी तरह से विशेषज्ञों की राय ली जाए। फैकल्टी का मानना है कि किसी भी बदलाव को लागू करने से पहले व्यापक परामर्श और प्रभाव मूल्यांकन आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में OPD शिफ्ट करना केवल स्थान परिवर्तन नहीं है, बल्कि इसके साथ संसाधनों, स्टाफ की नियुक्ति और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव भी जुड़ा होता है। बिना तैयारी के शिफ्टिंग करना मरीजों के लिए खतरा और अस्पताल के कार्यप्रणाली के लिए बाधा बन सकता है।
IGMC शिमला प्रशासन ने अभी तक फैकल्टी की आपत्ति पर कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि यह संभावना जताई जा रही है कि प्रशासन और फैकल्टी के बीच अगले कुछ दिनों में बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि समाधान निकाला जा सके।
यह मुद्दा न केवल चिकित्सकीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि अस्पताल प्रशासन और राज्य स्वास्थ्य विभाग के निर्णय लेने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाता है। इससे पहले भी कई मामलों में चिकित्सकों और प्रशासन के बीच मतभेद देखे गए हैं, लेकिन इस तरह के विवाद का असर सीधे मरीजों की सेवा पर पड़ता है।
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