हिमाचल प्रदेश

Solan : शूलिनी मेले में बड़ा हादसा टला, मिकी माउस झूला बैठने से कई बच्चे फंसे

Kavita2
29 Jun 2026 10:44 AM IST
Solan : शूलिनी मेले में बड़ा हादसा टला, मिकी माउस झूला बैठने से कई बच्चे फंसे
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Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : सोलन में आयोजित शूलिनी मेले के दौरान रविवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मेले में लगाए गए एक हवा से फुलाए जाने वाले मिकी माउस झूले के अचानक हवा निकल जाने और नीचे बैठ जाने से कई बच्चे उसके नीचे फंस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना शाम करीब 6:45 बजे हुई, जब बच्चे झूले के अंदर खेल रहे थे। बताया जा रहा है कि उस समय लगभग 10 से 12 बच्चे झूले के भीतर मौजूद थे। अचानक झूले में हवा कम होने लगी और वह नीचे धंस गया, जिससे बच्चे उसके अंदर फंस गए और बाहर निकलने में असमर्थ हो गए।

घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। लोगों ने बिना देर किए झूले को हटाने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। मौके पर मौजूद लोगों की सक्रियता के कारण बड़ा हादसा टल गया और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

ऊना निवासी राहुल कुमार ने बताया कि उनका चार वर्षीय बेटा भी उसी झूले पर खेल रहा था। उन्होंने कहा कि घटना अचानक हुई और कुछ समझ पाने से पहले ही झूला बैठ गया, जिससे बच्चे अंदर फंस गए। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की त्वरित प्रतिक्रिया से स्थिति नियंत्रण में आ सकी।

स्थानीय नागरिक प्रदीप कुमार और अन्य लोगों ने मिलकर झूले को संभालने और बच्चों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोगों की सक्रियता के कारण किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।

घटना के बाद मेले में मौजूद अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य में सहयोग किया। कुछ ही मिनटों में बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय पर स्थानीय लोग और अभिभावक सक्रिय नहीं होते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हालांकि सौभाग्य से इस घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

घटना के बाद मेले में लगाए गए ऐसे झूलों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए जाने वाले उपकरणों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी ली जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि झूले में तकनीकी खराबी कैसे आई। साथ ही आयोजकों से भी इस संबंध में रिपोर्ट मांगी जा सकती है।

इस घटना ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर ध्यान खींचा है। हालांकि समय रहते बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन इस तरह की घटनाएं भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत को दर्शाती हैं।

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