हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में अब तक लंपी वायरस का शिकार बने 7500 मवेशी, पशुपालकों को झेलनी पड़ रहीं दिक्कतें

Renuka Sahu
12 Oct 2022 1:28 AM GMT
So far 7500 cattle have become victims of lumpi virus in Himachal, cattle farmers are facing problems
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न्यूज़ क्रेडिट : divyahimachal.com

हिमाचल प्रदेश मेंलंपी वायरस से मरने वालें पशुओं का आंकड़ा 7500 को पार कर गया हैं।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। हिमाचल प्रदेश मेंलंपी वायरस से मरने वालें पशुओं का आंकड़ा 7500 को पार कर गया हैं। हर दिन लंपी वायरस के कारण 150 के करीब पशुओं की मौत हो रही हैं। सरकार व विभाग के सभी इंतजाम लंपी वायरस के सामने धराशायी हो गए हैं। तेजी से बढ़ रहे लंपी वायरस से पशुपालकों की समस्याएं बढ़ रही हैं। पशुपालकों ने सरकार से मांग उठाई है कि वायरस को रोकने के उचित कदम उठाए जाएं। पशुओं की मौत के कारण पशुपालकों को काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा हैं। नुकसान की भरपाई के लिए सरकार मुआवजा भी प्रदान करें। हिमाचल प्रदेश में लंपी वायरस का संक्रमण बेकाबू हो रहा हैं।

दिन-प्रतिदिन लंपी वायरस के मामलों में बढ़ोतरी हो रही हैं। पशुपालन विभाग की ओर से जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 1,08,960 पशु लंपी वायरस के कारण संक्रमित हो गए हैं। वहीं, पशुपालन विभाग की ओर से प्रदेश भर में 2,80,752 पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। लंपी वायरस का संक्रमण प्रदेश के दस जिलों में फैल चुका हैं। इन जिलो में शिमला, कांगड़ा, सिरमौर, ऊना, मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर, कुल्लू सोलन और चंबा जिला हैं। लाहुल-स्पीति और किन्नौर जिला में लंपी वायरस का अभी तक कोई मामला नहीं हैं। पशुपालन विभाग के निदेशक डा. प्रदीप शर्मा ने कहा कि लंपी से कमजोर पशु ज्यादा मर रहे हैं। जहां यह वायरस फैला है, वहां पांच किलोमीटर के दायरे में पशुओं को वैक्सीन लगाई जा रही है।
नहीं मिला मुआवजा
हिमाचल प्रदेश में जिन पशुपालकों के पशुओं की लंपी वायरस के कारण मौत हुई हैं। उन पशुओं को मुआवजा नहीं मिल रहा हैं। विधानसभा सत्र के दौरान पशुपालन मंत्री ने ऐलान किया था कि गाय की मौत पर पशुपालकों को 30 हजार का मुआवजा प्रदान किया जाएगा, लेकिन लंपी को केंद्र सरकार की ओर से अभी तक महामारी घोषित नहीं किया गया हैं। ऐसे में अभी तक प्रदेश के किसी भी पशुपालक को मुआवजा नहीं मिला हैं।

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