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रामपुर : हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में हुए भीषण बस हादसे के अगले ही दिन उसी क्षेत्र में एक और घटना सामने आई, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। गुरुवार सुबह रामपुर-बाघी मार्ग पर चल रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक बस में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और इंजन से धुआं उठने लगा।
बस में स्कूली बच्चों समेत कई यात्री सवार थे। अचानक धुआं निकलता देख यात्रियों में डर का माहौल बन गया। आग लगने की आशंका को देखते हुए चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया।
इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, बुधवार को हुए दर्दनाक बस हादसे के तुरंत बाद सामने आई इस घटना ने HRTC बसों की फिटनेस, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंजन से अचानक उठने लगा धुआं
जानकारी के अनुसार, HRTC की यह बस गुरुवार सुबह रामपुर-बाघी मार्ग पर अपने निर्धारित रूट पर जा रही थी। बस में स्थानीय यात्रियों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी मौजूद थे।
यात्रा के दौरान अचानक बस के इंजन से धुआं निकलने लगा। चालक और यात्रियों ने जैसे ही धुआं देखा, बस में घबराहट फैल गई। यात्रियों को आशंका हुई कि कहीं बस में आग न लग जाए।
स्थिति को देखते हुए चालक ने तुरंत बस रोक दी और बिना देरी किए सभी यात्रियों को बाहर निकाल दिया। समय रहते उठाए गए इस कदम से बड़ा हादसा टल गया।
सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
घटना के बाद यात्रियों को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। किसी भी यात्री को चोट लगने की जानकारी सामने नहीं आई है।
बस में मौजूद स्कूली बच्चे इस घटना से काफी डर गए थे। अचानक बस रोकने और धुआं निकलने से बच्चों में भय का माहौल बन गया, लेकिन चालक की सतर्कता से स्थिति नियंत्रित हो गई।
बाद में तकनीकी खराबी की जांच के लिए बस की स्थिति का जायजा लिया गया।
बुधवार के हादसे के बाद बढ़ी चिंता
रामपुर क्षेत्र में बुधवार को हुए बस हादसे में कई लोगों की जान चली गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद अगले ही दिन HRTC की दूसरी बस में तकनीकी समस्या सामने आने से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली बसों की नियमित जांच और रखरखाव बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां सड़कों की स्थिति और भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होती हैं।
बसों की फिटनेस में किसी भी तरह की लापरवाही यात्रियों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
HRTC बसों की जांच की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने HRTC की बसों की तकनीकी जांच और नियमित सर्विसिंग व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है।
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन में बड़ी संख्या में छात्र, बुजुर्ग और आम नागरिक सफर करते हैं। ऐसे में बसों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाले वाहनों में ब्रेक, इंजन, टायर और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की नियमित जांच जरूरी होती है।
प्रशासन और निगम के सामने चुनौती
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद परिवहन विभाग और HRTC प्रशासन के सामने बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनौती बढ़ गई है।
हालांकि, इस घटना में चालक की सतर्कता की वजह से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इससे यह सवाल जरूर खड़ा हुआ है कि क्या सभी बसों की तकनीकी स्थिति की पर्याप्त जांच की जा रही है।
यात्रियों की सुरक्षा पर जोर जरूरी
हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में बसें लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं। दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए HRTC की सेवाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं।
ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बसों की समय-समय पर जांच, पुराने वाहनों की समीक्षा और तकनीकी खामियों को तुरंत दूर करना जरूरी है।
रामपुर में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।





