हिमाचल प्रदेश

Himachal में NH-5 की ढलान सुरक्षा का कार्य लगभग समाप्त

Ratna Netam
4 May 2026 7:40 PM IST
Himachal में NH-5 की ढलान सुरक्षा का कार्य लगभग समाप्त
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-5 के ढलानों की सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ महीनों से चल रहे कार्यों में तेजी आई है। अधिकारियों ने बताया कि मानसून से पहले सुरक्षा उपायों का लगभग पूरा काम पूरा कर लिया गया है, जिससे यात्रियों और वाहनों की सुरक्षा बढ़ेगी।
राजमार्ग के प्रमुख ढलानों पर भूस्खलन और ढलान दरारों से बचाव के लिए विभिन्न स्थिरता परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इसमें ढलानों पर सुरक्षात्मक दीवारें, नेटिंग और जल निकासी प्रणाली की स्थापना शामिल है। सड़क परिवहन विभाग ने बताया कि इन उपायों से मानसून में होने वाले संभावित भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकेगा।
हिमाचल प्रदेश के यातायात और सड़क विभाग के अधिकारियों ने कहा कि NH-5 हिमाचल के कई महत्वपूर्ण शहरों और पर्यटन स्थलों को जोड़ता है, इसलिए इसकी सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पिछले साल मानसून में कई ढलानों पर भूस्खलन और दुर्घटनाओं के कारण यातायात बाधित हुआ था, जिससे इस साल सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया गया।
सुरक्षा परियोजनाओं में ढलानों पर पत्थर गिरने से बचाव के लिए पत्थर रोक नेटवर्क, स्लोप स्टेबिलाइजेशन और ड्रेनज कार्य शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन उपायों से न केवल सड़क सुरक्षित रहेगी, बल्कि यात्री सुचारू रूप से यात्रा कर सकेंगे।
सड़क निर्माण और रख-रखाव विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि NH-5 के 80% ढलानों पर सुरक्षा कार्य पूरा हो चुका है, और शेष कार्य भी मानसून शुरू होने से पहले समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि भारी बारिश के दौरान सतर्क रहें और सड़क पर सावधानी बरतें।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा हर साल मानसून के दौरान बढ़ जाता है, इसलिए सुरक्षा उपायों की समय पर पूर्णता बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह कार्य यात्रियों और परिवहन वाहनों के लिए सुरक्षा और सहज यात्रा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
राज्य सरकार ने इस साल NH-5 के ढलानों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया है और विभिन्न क्षेत्रों में सतत निगरानी और निरीक्षण के लिए भी टीमों को तैनात किया गया है। अधिकारी आश्वस्त हैं कि इस वर्ष मानसून में यात्री सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव करेंगे।
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