हिमाचल प्रदेश

डॉक्टरों की कमी होगी दूर: हिमाचल में 194 नए डॉक्टरों को मिली पोस्टिंग

Kiran
15 Sept 2026 3:16 PM IST
डॉक्टरों की कमी होगी दूर: हिमाचल में 194 नए डॉक्टरों को मिली पोस्टिंग
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Himachal हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को दूर-दराज के इलाकों में स्थापित करने और गांवों में रहने वालों की दिशा में गुणवत्ता पूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में 194 नए चिकित्सा अधिकारियों (डॉक्टरों) को बर्खास्त कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी इस आदेश में कहा गया है कि न केवल जिला और क्षेत्रीय विभागों में डॉक्टरों की कमी पूरी होगी, बल्कि जन जातीय और अति-दुर्गम क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं (सीएचसी) में वर्षों से खाली पड़े मरीजों को भी भरा जाएगा।
दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्र को प्राथमिकता
हिमाचल प्रदेश के कठोर भौगोलिक क्षेत्र पर ध्यान दिया गया सरकार ने पोस्टिंग प्रक्रिया में दुर्गम और हार्ड-एरिया (कठोर क्षेत्र) वाले क्षेत्र को जिम्मेदारी दी है: जनजातीय जिले: किन्नौर, लाहुल-स्पीति और ज्वालामुखी के जंगलों में पांगी-भरमौर क्षेत्र में गरीबों की कमी के कारण आपातकाल की स्थिति में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। नए ईसाइयों के संगठन से इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा बहाल करने की आवश्यकता। ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र: सिरमौर, मंडी, नाला, फैजाबाद और बिलासपुर के ग्रामीण क्षेत्र में लंबे समय से चल रही एसोसिएट्स के छात्र अब समाप्त हो जाएंगे। स्थानीय स्तर पर होने वाला इलाज: स्थानीय स्तर पर ही सामान्य व आपात्कालीन चिकित्सा व्यवसाय उपलब्ध से लेकर गरीबों को छोटी-मोटी समस्या के इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के सख्त नियम और दिशा-निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने नव-नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों के लिए स्पष्ट और विस्तृत निर्देश जारी किए हैं ताकि ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सीरम के रूप में चल सकें: समयबद्ध दीक्षांत समारोह (ज्वाइनिंग): सभी शिष्यों को निर्धारित समय सीमा (7 से 15 दिन) के अंदर अपने निर्धारित कर्तव्य स्टेशन पर निर्देश दिए गए हैं। टैबडले पर रोक: प्रारंभिक सेवा अवधि के दौरान किसी भी डॉक्टर की नियुक्ति या एडजस्टमेंट (समायोजन) की शिकायत पर विचार नहीं किया जाएगा। सेवा अनिवार्य: दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में न्यूनतम अवधि तक सेवा देना अनिवार्य है। यदि कोई डॉक्टर अपनी पोस्टिंग के स्थान की सूची में योगदान नहीं देता है, तो उसका रिजेक्शन रद्द कर दिया जाएगा और प्रतीक्षा सूची (प्रतीक्षा सूची) के लिए आरक्षित को मौका दिया जाएगा।
आम जनता और आबादी को मिलने से मुख्य लाभ
194 नए दार्शनिकों की सूक्ष्मदर्शी से प्रदेश के स्वास्थ्य परिदृश्य पर व्यापक और सकारात्मक प्रभाव:
24x7 आपातकालीन चिकित्सा सहायता: ग्रामीण और क्लिनिकल स्वास्थ्य सेवाओं में अब 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार: शिशुओं की नियमित उपस्थिति से गर्भवती महिलाओं के समय पर जांच, पासपोर्ट (संस्थागत प्रसव) और बच्चों के शिशु- शिशु स्वास्थ्य में सुधार। आर्थिक बचत: स्थानीय स्तर पर डॉक्टर और इलाज उपलब्ध होने से पीड़ितों को निजी तौर पर प्रशिक्षित किया जाता है और बड़े पैमाने पर मेडिकल उद्यमों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलती है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों की भारी बचत होगी। स्थिर पर नियंत्रण वर्षा: और समुद्र के किनारे के क्षेत्र में जंगल वाली झीलें, झील, तलहटी, झील और समुद्र तट पर स्थिर पानी का सबसे अच्छा इलाज संभव है।
बड़े मेडिकल प्लांट पर घटेगा दबाव
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेज—जैसे इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) रेड्डी प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा (कांगड़ा), और नेरचौक मेडिकल कॉलेज (मंडी)—पर रोज़ हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य वैज्ञानिकों में आशियाटों की अनुपस्थिति के कारण छात्र सामान्य आवेदकों के लिए भी बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण प्राप्त किया जा रहा था। 194 नये ईसाइयों के प्रारंभिक और द्वितीय स्तर पर ही लगभग 70 से 80 प्रतिशत कट्टरपंथियों का इलाज संभव होगा। इससे बड़े मेडिकल कोचिंग के विशेषज्ञ डॉक्टर गंभीर और जटिल मामलों पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
स्वास्थ्य प्रयोगशाला की अधिसूचना और भविष्य की दिशा प्रदेश सरकार केवल एस्कॉर्ट की डिजिटल तक सीमित और राज्य के समग्र स्वास्थ्य ग्राहकों को आधुनिक बना रही है: जांच पड़ताल का विस्तार: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ-साथ जांच लैब टेस्ट, एक्स-रे और डायग्नोस्टिक सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। टेली-मेडिसिन नेटवर्क: इलाक़े में नए ईसाइयों को बड़े शहरों के सुपर-स्पेशलिस्टों से जोड़ने के लिए टेली-मेडिसिन सेवा को मजबूत किया जा रहा है।
निःशुल्क औषधियों की आपूर्ति: सभी सरकारी और स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक एवं जीवनरक्षक औषधियों की सतत् आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। हिमाचल प्रदेश में 194 नए वकीलों की यह पोस्टिंग राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है। दुर्गम रेजिमेंट पर साझी बस्ती से लेकर जिला मुख्यालयों तक, इस फैसले का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा और राज्य के स्वास्थ्य सूचकांक (स्वास्थ्य सूचकांक) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज होगा
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