हिमाचल प्रदेश

छह साल बाद शिपकी ला व्यापार बहाल, चीन के लिए रवाना हुआ पहला दल

Kavita2
2 Aug 2026 11:59 AM IST
छह साल बाद शिपकी ला व्यापार बहाल, चीन के लिए रवाना हुआ पहला दल
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किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित भारत-चीन सीमा के शिपकी ला दर्रे से शनिवार को सीमा व्यापार करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा शुरू हो गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने व्यापारिक गतिविधियों का औपचारिक शुभारंभ किया और 16 स्थानीय व्यापारियों के पहले दल को चीन अधिकृत तिब्बत के लिए रवाना किया।

सीमा व्यापार शुरू होने से किन्नौर जिले के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। लंबे समय से बंद पड़े इस व्यापार मार्ग के दोबारा खुलने से सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इससे उन्हें नए अवसर मिलेंगे और पारंपरिक भारत-तिब्बत व्यापार को फिर से गति मिलेगी।

शिपकी ला दर्रा हिमाचल प्रदेश और तिब्बत के बीच ऐतिहासिक व्यापार मार्गों में से एक रहा है। इस मार्ग से सदियों से भारत और तिब्बत के बीच वस्तुओं का आदान-प्रदान होता रहा है। स्थानीय समुदायों के लिए यह व्यापार केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों का भी माध्यम रहा है।

हालांकि, कोविड-19 महामारी और भारत-चीन सीमा पर बढ़े तनाव के कारण यह व्यापार मार्ग पिछले करीब छह वर्षों से बंद था। व्यापार बंद होने से सीमावर्ती क्षेत्रों के कई व्यापारी प्रभावित हुए थे और उनकी आजीविका पर भी असर पड़ा था। अब व्यापार दोबारा शुरू होने से उनमें नई उम्मीद जगी है।

शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि शिपकी ला से सीमा व्यापार की बहाली क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और स्थानीय लोगों को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने व्यापारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सीमा व्यापार से किन्नौर जिले के लोगों को लाभ मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार व्यापारियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

पहले व्यापारी दल में शामिल 16 स्थानीय व्यापारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चीन अधिकृत तिब्बत के लिए रवाना किया गया। व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में व्यापारिक गतिविधियां और बढ़ेंगी तथा अधिक लोग इससे जुड़ सकेंगे।

स्थानीय प्रशासन ने सीमा व्यापार को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की हैं। व्यापारियों के आवागमन, सुरक्षा और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को लेकर संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सीमा व्यापार की बहाली से किन्नौर के अलावा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार से जुड़े परिवहन, छोटे व्यवसाय और अन्य सेवाओं में भी रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से बंद इस मार्ग के खुलने से उन्हें पुराने व्यापारिक संबंधों को दोबारा मजबूत करने का मौका मिलेगा। किन्नौर के कई परिवार पीढ़ियों से भारत-तिब्बत व्यापार से जुड़े रहे हैं और इस मार्ग के फिर से खुलने का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।

भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार को लेकर समय-समय पर व्यवस्थाएं तय की जाती रही हैं। शिपकी ला मार्ग हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह राज्य का प्रमुख पारंपरिक व्यापार मार्ग रहा है।

प्रशासन का कहना है कि व्यापार के दौरान सभी सुरक्षा मानकों और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

गौरतलब है कि शिपकी ला दर्रा समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यह मार्ग वर्षों से व्यापार और संपर्क का माध्यम रहा है। यहां से व्यापार शुरू होना सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

छह साल बाद सीमा व्यापार की शुरुआत को स्थानीय लोगों ने उम्मीदों से भरा कदम बताया है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि आने वाले दिनों में यह व्यापार किस तरह आगे बढ़ता है और इससे क्षेत्र के लोगों को कितना आर्थिक लाभ मिलता है।

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