हिमाचल प्रदेश

Shimla: युवा, महिला और बुजुर्ग मिलकर नशा करें परास्त: डॉ. शांडिल

Admindelhi1
18 Nov 2025 5:35 PM IST
Shimla: युवा, महिला और बुजुर्ग मिलकर नशा करें परास्त: डॉ. शांडिल
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शिमला: नशा मुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूरे होने पर मंगलवार को शिमला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों से आह्वान किया कि वे नशे के समूल नाश के लिए समाज में जागरूकता फैलाने के ध्वजवाहक बनें।

डॉ. शांडिल ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान पिछले पांच वर्षों से सभी राज्यों में सफलतापूर्वक चल रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और कहा कि नशे के खिलाफ सरकार के प्रयास तभी सफल होंगे, जब समाज इसके विरुद्ध एकजुट होकर खड़ा होगा।

उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार ने नशा तस्करी पर सख्त कार्रवाई को सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध (निवारण एवं नियंत्रण) विधेयक-2025 पारित किया है, जिसमें नशा तस्करों को मृत्यु-दंड, आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। अवैध संपत्ति की कुर्की का प्रावधान भी इसमें शामिल है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश ड्रग्स एवं नियंत्रण पदार्थ (रोकथाम, नशामुक्ति और पुनर्वास) विधेयक-2025 के तहत पुनर्वास, निवारक शिक्षा और आजीविका सहायता के लिए एक विशेष राज्य कोष बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला से चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान की शुरुआत की थी, जिसमें प्रदेशवासियों ने नशे को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया। डॉ. शांडिल ने कहा कि यदि समाज एकजुट होकर नशामुक्त वातावरण बनाने का निर्णय ले, तो नशा मुक्त हिमाचल और नशा मुक्त भारत का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. शांडिल अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्यक्रम से भी ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत पांच वर्षों में लगभग 23 करोड़ लोगों को जागरूक किया गया है। देशभर में 20 हजार से अधिक मास्टर वॉलंटियर्स के माध्यम से सात लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। राष्ट्रीय ऑनलाइन शपथ में 16.72 लाख शैक्षणिक संस्थानों ने भाग लेकर इस अभियान को एक नई दिशा दी है।

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