हिमाचल प्रदेश

Shimla: बिजली सब्सिडी समाप्त करने के फैसले से बढ़ेगा जनता का बोझ: विपिन परमार

Admindelhi1
23 May 2026 11:33 AM IST
Shimla: बिजली सब्सिडी समाप्त करने के फैसले से बढ़ेगा जनता का बोझ: विपिन परमार
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"बिजली सब्सिडी खत्म होने पर सुक्खू सरकार की आलोचना तेज"

शिमला: भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने हिमाचल प्रदेश में बिजली सब्सिडी से जुड़े नए फैसले को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करने वाली सुक्खू सरकार अब जनता को महंगे बिजली बिलों का झटका दे रही है।

विपिन परमार ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि सरकार द्वारा दो से अधिक मीटर वाले घरों पर बिजली सब्सिडी समाप्त करने का फैसला सीधे तौर पर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले किराएदारों, मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर आर्थिक हमला है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के करीब तीन लाख उपभोक्ता इस फैसले से प्रभावित हुए हैं और जिन लोगों के बिजली बिल पहले बहुत कम या शून्य आते थे, अब उन्हें सैकड़ों और हजारों रुपये के बिल चुकाने पड़ रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे कर जनता से वोट लिए, लेकिन सत्ता में आते ही अपने वादों से पीछे हट गई। भाजपा नेता ने कहा कि आज स्थिति यह है कि एक यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ता को भी बिल भरना पड़ रहा है, जो पूरी तरह गरीब और मध्यम वर्ग विरोधी फैसला है।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी किराए के मकानों में रहने वाले गरीब, मजदूर, छात्र और नौकरीपेशा लोगों को हो रही है। जिन लोगों के नाम पर मकान और मीटर हैं, उन्हें तो सब्सिडी मिल रही है, लेकिन किराएदारों को बिना सब्सिडी के भारी बिल भरने पड़ रहे हैं। इससे मकान मालिकों और किराएदारों के बीच विवाद की स्थिति भी पैदा हो रही है।

विपिन परमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार प्रदेश की आर्थिक बदहाली का बोझ आम जनता पर डाल रही है। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, डीजल, बस किराए और अन्य सेवाओं के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की कमर टूट रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा इस जनविरोधी फैसले का लगातार विरोध करेगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी का अंतर समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

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