- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- Shimla: हिमाचल की...
Shimla: हिमाचल की आर्थिक स्थिति पर सुरेश कश्यप ने उठाए सवाल

शिमला: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि राज्य को कर्ज और निजीकरण की राह पर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार अपने खर्चों को पूरा करने के लिए लगातार कर्ज ले रही है, जबकि दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है।
शिमला में जारी बयान में सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार एक बार फिर बाजार से 700 करोड़ रुपये का ऋण लेने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार अपने कार्यकाल के दौरान लगातार कर्ज लेती रही है, जिससे प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। उनके अनुसार यह स्थिति सरकार की आर्थिक नीतियों और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़े करती है।
कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले कई वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार आर्थिक संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन नहीं कर पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और सरकार को नियमित खर्चों, वेतन, पेंशन तथा अन्य देनदारियों को पूरा करने के लिए भी ऋण का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि लगातार लिए जा रहे कर्ज का उपयोग किन कार्यों में किया जा रहा है।
सांसद ने एचपीटीडीसी के होटलों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को पर्यटन क्षेत्र की संपत्तियों को मजबूत करने और उन्हें अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में काम करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय निजीकरण का रास्ता अपनाया जा रहा है। उनका कहना था कि जिन परिसंपत्तियों का निर्माण सार्वजनिक धन से हुआ है, उन्हें निजी क्षेत्र को सौंपने की तैयारी चिंता का विषय है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि यदि एचपीटीडीसी घाटे में चल रहा है तो सरकार को उसके प्रबंधन और कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संस्थानों को मजबूत करने के बजाय अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने के लिए सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है।





