हिमाचल प्रदेश

Shimla: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल खपत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

Admindelhi1
22 May 2026 12:49 PM IST
Shimla: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल खपत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन शुरू होते ही पेट्रोल और डीजल की मांग में अचानक तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने कहा है कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और लोगों को घबराकर अतिरिक्त खरीदारी करने की जरूरत नहीं है। कंपनियों के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल पेट्रोल की रोजाना 1500 किलोलीटर और डीजल की 2400 किलोलीटर आपूर्ति की जा रही है, जिससे बढ़ती मांग को पूरा किया जा रहा है।

तेल कंपनियों का कहना है कि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में हिमाचल में पेट्रोल की मांग करीब 11 प्रतिशत बढ़ी है। पर्यटन सीजन के कारण प्रदेश में वाहनों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे ईंधन की खपत में उछाल आया है। इसके बावजूद इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां लगातार आपूर्ति बनाए हुए हैं ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कंपनियों के अनुसार देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। तेल विपणन कंपनियां लगातार स्टॉक की समीक्षा कर रही हैं और बढ़ती मांग को देखते हुए लॉजिस्टिक्स और वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कंपनियों ने कहा कि टर्मिनल, डिपो, पाइपलाइन, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और पेट्रोल पंपों का नेटवर्क लगातार काम कर रहा है ताकि समय पर ईंधन की आपूर्ति होती रहे।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड शिमला के डिविजनल रिटेल हेड और हिमाचल प्रदेश के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर रचित अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में ईंधन की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए सप्लाई चेन को मजबूत किया गया है और उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से ही ईंधन की खरीदारी करें।

तेल कंपनियों ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में कई राज्यों में कृषि और कटाई के सीजन के कारण भी ईंधन की खपत बढ़ी है। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर तुलनात्मक रूप से कम कीमत होने की वजह से निजी और व्यावसायिक उपभोक्ताओं का रुझान भी इन आउटलेट्स की ओर बढ़ा है, जिससे अतिरिक्त दबाव बना है।

कंपनियों ने लोगों से कहा है कि ईंधन की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल कंपनियों की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां राज्य प्रशासन के साथ मिलकर 24 घंटे आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने में जुटी हुई हैं ताकि पर्यटन सीजन और बढ़ती मांग के बीच भी प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध सप्लाई जारी रहे।

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