हिमाचल प्रदेश

Shimla: SFI का शिमला में धरना जारी, पेपर लीक को लेकर सरकार पर हमला

Admindelhi1
21 July 2026 7:33 PM IST
Shimla: SFI का शिमला में धरना जारी, पेपर लीक को लेकर सरकार पर हमला
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पेपर लीक विवाद: शिमला में SFI कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल जारी

शिमला: छात्र संगठन एसएफआई की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में शिमला के उपायुक्त कार्यालय के बाहर शुरू की गई क्रमिक भूख हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। संगठन ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

एसएफआई के अनुसार 20 जुलाई से शुरू हुई इस क्रमिक भूख हड़ताल के पहले दिन संगठन के कार्यकर्ता प्रवेश, कृतिका, मितेश, राजेश और आशीष चौहान भूख हड़ताल पर बैठे थे। मंगलवार को दूसरे दिन स्नेहा, कुशाल राणा, अमन, अंकुश और आरुष ने क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखी।

संगठन ने आरोप लगाया कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में लगातार गंभीर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। एसएफआई ने दावा किया कि नीट परीक्षा में करीब 22 लाख छात्रों ने भाग लिया था और पेपर लीक की घटनाओं के बाद कई छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ा। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस मामले में अपनी जवाबदेही तय नहीं की है।

एसएफआई ने कहा कि 21 जून को दोबारा कराई गई नीट परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र शामिल नहीं हो सके। संगठन के अनुसार यह स्थिति परीक्षा प्रणाली की खामियों को उजागर करती है। एसएफआई ने दावा किया कि इसी मुद्दे को लेकर छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं और एनटीए को भंग करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जिसकी वह कड़े शब्दों में निंदा करता है।

एसएफआई ने अपनी मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करने, नई शिक्षा नीति को वापस लेने और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग शामिल की है।

संगठन का कहना है कि एनटीए देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं, जिनमें नीट, जेईई, सीयूईटी और यूजीसी-नेट शामिल हैं, का आयोजन करता है। एसएफआई ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में इन परीक्षाओं के संचालन को लेकर कई विवाद सामने आए हैं, जिससे छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है। संगठन ने वर्ष 2026 की परीक्षा रद्द होने, वर्ष 2024 की नीट परीक्षा और यूजीसी-नेट परीक्षा से जुड़े विवादों के साथ वर्ष 2021 की जेईई मेन परीक्षा में कथित सुरक्षा चूक का भी उल्लेख किया।

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