हिमाचल प्रदेश

Shimla: हिमाचल के मछुआरों के लिए राहत, नाव-जाल पर सब्सिडी का ऐलान

Admindelhi1
8 Aug 2026 6:32 PM IST
Shimla: हिमाचल के मछुआरों के लिए राहत, नाव-जाल पर सब्सिडी का ऐलान
x
हिमाचल में मत्स्य कारोबार को बढ़ावा, नाव-जाल पर भारी सब्सिडी

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने मछुआरों की आय बढ़ाने और मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नाव और मछली पकड़ने के जाल पर बड़ी सब्सिडी देने की योजना शुरू की है। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार जलाशयों में मछली पकड़ने वाले पात्र मछुआरों को नाव खरीदने पर 70 फीसदी और कुछ तरह के जाल खरीदने पर 90 फीसदी तक आर्थिक सहायता मिलेगी।

प्रवक्ता ने बताया कि नाव सब्सिडी योजना के तहत पात्र जलाशय मछुआरों को 50 हजार रुपये की कीमत वाली मछली पकड़ने की नाव खरीदने पर 70 फीसदी सहायता मिलेगी। इसमें सरकार 35 हजार रुपये देगी, जबकि लाभार्थी को 15 हजार रुपये अपनी ओर से देने होंगे। यह योजना गोबिंद सागर, पोंग डैम, चमेरा, रणजीत सागर और कोल डैम जैसे प्रमुख जलाशयों में काम कर रहे मछुआरों के लिए है। इसका उद्देश्य नावों को बेहतर बनाना, मछुआरों की सुरक्षा बढ़ाना और मछली पकड़ने के काम को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का पंजीकृत प्राथमिक मत्स्य सहकारी समिति का सक्रिय सदस्य होना जरूरी है। इसके साथ ही उसने एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 50 दिन मछली पकड़ने का काम किया होना चाहिए।

प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने मछली पकड़ने के जाल पर भी 90 फीसदी सब्सिडी देने का फैसला किया है। नदी क्षेत्रों में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को तीन हजार रुपये कीमत का कास्ट नेट केवल 300 रुपये में मिलेगा। इसमें सरकार 2,700 रुपये की सहायता देगी। इसी तरह जलाशय क्षेत्र के मछुआरों को पांच हजार रुपये कीमत का गिल नेट केवल 500 रुपये में मिलेगा। इस पर सरकार 4,500 रुपये की सब्सिडी देगी।

प्रवक्ता के अनुसार इस योजना के तहत चार हज़ार सक्रिय नदी क्षेत्र के मछुआरों को कास्ट नेट और तीन हज़ार सक्रिय जलाशय मछुआरों को गिल नेट दिया जाएगा। लाभार्थियों को यह सहायता सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से मिलेगी। इसके लिए मछुआरे के पास मत्स्य विभाग की ओर से जारी वैध मछली पकड़ने का लाइसेंस होना चाहिए और यह लाइसेंस कम से कम लगातार तीन वर्षों से होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार मत्स्य क्षेत्र को रोजगार और आय का टिकाऊ साधन बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से मछुआरों को सीधे आर्थिक मदद मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हिमाचल में ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर ध्यान दे रही है। उनके अनुसार इन योजनाओं से मछुआरों की आर्थिक स्थिति बेहतर होने के साथ राज्य में मछली उत्पादन, उत्पादों की कीमत बढ़ाने और आय के नए अवसरों में भी वृद्धि होगी।

Next Story