हिमाचल प्रदेश

Shimla: वाहन फिटनेस नियमों में ढील की संभावना, केंद्र ने रिपोर्ट तलब की

Admindelhi1
23 Jun 2026 1:02 PM IST
Shimla: वाहन फिटनेस नियमों में ढील की संभावना, केंद्र ने रिपोर्ट तलब की
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"कांगड़ा के वाहन चालकों को मिल सकती है राहत"

शिमला: कांगड़ा जिले में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर चल रही परेशानी के बीच वाहन मालिकों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। हिमाचल प्रदेश सरकार की उस मांग पर केंद्र सरकार ने विचार करने के संकेत दिए हैं, जिसमें कांगड़ा में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) पूरी तरह शुरू होने तक मैनुअल फिटनेस जांच जारी रखने की अनुमति मांगी गई है।

दरअसल, केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में किए गए संशोधनों के तहत 1 अप्रैल 2025 से परिवहन वाहनों की फिटनेस जांच केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (एटीएस) के माध्यम से कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बाद देशभर में जहां-जहां एटीएस शुरू हुए हैं, वहां मैनुअल फिटनेस जांच और परिवहन पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली संबंधित सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि कांगड़ा जिले के कई इलाकों में अभी एटीएस की उपलब्धता सीमित है। इसके कारण वाहन मालिकों और परिवहन विभाग को फिटनेस जांच करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) ने 30 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि जिले में शेष एटीएस पूरी तरह संचालित होने तक मैनुअल फिटनेस जांच की व्यवस्था जारी रखी जाए और परिवहन पोर्टल की सुविधा भी बहाल रखी जाए।

जानकारी अनुसार केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री को भेजे पत्र में कहा है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर विचार किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए विस्तृत जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

केंद्रीय मंत्रालय ने 11 जून 2026 को राज्य सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने पूछा है कि कांगड़ा जिले में फिटनेस जांच को लेकर वाहन मालिकों और परिवहन विभाग को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा राज्य के 14 आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में से किन कार्यालयों में मैनुअल फिटनेस जांच की सुविधा बनाए रखना आवश्यक है, इसकी जानकारी भी मांगी गई है।

केंद्र सरकार ने राज्य से यह भी पूछा है कि जिन क्षेत्रों में अभी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन उपलब्ध नहीं हैं, वहां एटीएस स्थापित करने की क्या कार्ययोजना है और उन्हें शुरू करने की समयसीमा क्या होगी। मंत्रालय का कहना है कि राज्य सरकार से पूरी जानकारी मिलने के बाद कांगड़ा जिले को सीमित अवधि के लिए राहत देने के अनुरोध पर विचार किया जाएगा।

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