हिमाचल प्रदेश

Shimla: पंचायत और निकाय चुनाव टालने को लेकर सियासत गरम, जयराम ठाकुर ने उठाए सवाल

Admindelhi1
27 Jun 2026 2:37 PM IST
Shimla: पंचायत और निकाय चुनाव टालने को लेकर सियासत गरम, जयराम ठाकुर ने उठाए सवाल
x
पंचायत-निकाय चुनाव विवाद पर जयराम ठाकुर का बयान, सरकार पर साधा निशाना

शिमला: नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर पंचायतों, नगर निकायों और जिला परिषदों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव जानबूझकर टालने का आरोप लगाया है। शनिवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है और निर्वाचित प्रतिनिधियों पर दबाव बनाने के लिए चुनावों में देरी की जा रही है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार पहले स्थानीय निकाय चुनाव टालना चाहती थी, लेकिन न्यायालयों के हस्तक्षेप के बाद चुनाव कराने पड़े। उनका आरोप है कि अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव लंबित रखकर सरकार को समय मिल रहा है। इससे वह निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रभावित करने की कोशिश कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले से अंदेशा था कि जनता उसके खिलाफ मतदान करेगी, इसलिए विभिन्न स्तरों पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास किए गए।

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि पंचायत चुनावों में लगभग 70 प्रतिशत पंचायतों में भाजपा समर्थित प्रधान और उपप्रधान चुने गए हैं। उन्होंने कहा कि यह परिणाम कांग्रेस सरकार के प्रति जनता की नाराजगी को दर्शाते हैं। जयराम ठाकुर के अनुसार नगर निकाय चुनावों में भी भाजपा को व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने 17 में से 11 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है, जबकि अन्य कई नगर निकायों में भी पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा है।

उन्होंने जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 12 जिला परिषदों में से केवल तीन में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव हुए हैं और उन स्थानों पर कांग्रेस उम्मीदवार मैदान में नहीं उतार सकी। उनका दावा है कि शेष अधिकांश जिला परिषदों में भाजपा समर्थित सदस्यों के पास बहुमत है, लेकिन चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि 92 ब्लॉक समितियों में से 47 में हुए चुनावों में 31 स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत हुई है, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार 16 स्थानों पर सफल रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित पार्षदों, बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों पर प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर जनप्रतिनिधियों और उनके परिजनों को निशाना बनाया जा रहा है तथा राजनीतिक कारणों से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ निकायों में चुनाव प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है, जिन पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से जनादेश का सम्मान करने और लंबित अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव जल्द कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि चुनाव शीघ्र नहीं कराए गए तो भाजपा न्यायालय और लोकतांत्रिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाएगी।

Next Story