हिमाचल प्रदेश

Shimla: एससी कार्ड और राजनीतिक समीकरण पर पार्टी की रणनीति

Admindelhi1
24 Nov 2025 12:23 PM IST
Shimla: एससी कार्ड और राजनीतिक समीकरण पर पार्टी की रणनीति
x

शिमला: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए विनय कुमार को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। तीन बार के विधायक, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले विनय कुमार की ताजपोशी को कांग्रेस की बड़ी रणनीतिक चाल माना जा रहा है, जो संगठन में जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और गुटबाजी समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विनय कुमार की नियुक्ति से कांग्रेस ने लगभग दो दशक बाद किसी एससी नेता को प्रदेश संगठन की कमान सौंपी है। 2004-05 में कुलदीप कुमार के बाद यह पहला मौका है जब पार्टी ने एससी समुदाय को शीर्ष नेतृत्व दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार एससी वर्ग प्रदेश के निर्णायक वोट बैंक में शामिल है। वर्ष 2022 में कांग्रेस ने एससी के लिए आरक्षित 17 सीटों में से 10 सीटें जीती थीं, जो सरकार बनाने में निर्णायक रहीं। ऐसे में कांग्रेस इस समुदाय में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

पार्टी के भीतर भी इस बदलाव से कई समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं। पिछले 20 वर्षों में कांग्रेस ने अधिकतर प्रदेश अध्यक्ष राजपूत समुदाय से चुने, मगर इस बार पार्टी ने जातीय विविधता को तरजीह देते हुए एक नए सामाजिक संतुलन की तरफ कदम बढ़ाया है। यह फैसला कांग्रेस की उन कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह भाजपा के मुकाबले सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का व्यापक संदेश देना चाहती है।

क्षेत्रीय गणित की बात करें तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री दोनों निचले हिमाचल से आते हैं, जबकि विनय कुमार शिमला संसदीय क्षेत्र (ऊपरी हिमाचल) से हैं। यह संतुलन कांग्रेस की चुनावी रणनीति को और मजबूत कर सकता है, क्योंकि इससे विभिन्न क्षेत्रों को नेतृत्व में बराबर प्रतिनिधित्व मिलता है।

विनय कुमार के सामने पार्टी संगठन को एकजुट रखना भी बड़ी चुनौती है। वे किसी गुट से ताल्लुक नहीं रखते और उनकी छवि संतुलित मानी जाती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और वरिष्ठ नेताओं से उनके अच्छे संबंध इस बात का संकेत हैं कि वे संगठनात्मक मतभेद कम करने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। आज विनय कुमार ने शिमला में मुख्यमंत्री सुक्खू से मुलाकात कर पार्टी के संगठनात्मक रोडमैप पर चर्चा भी की। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वे कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की दिशा में तेजी से काम शुरू करेंगे।

कांग्रेस की इस नियुक्ति से सिरमौर जिला अचानक प्रदेश राजनीति के केंद्र में आ गया है। दिलचस्प बात यह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रदेश अध्यक्ष सिरमौर से हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल नाहन से विधायक रह चुके हैं, जबकि कांग्रेस ने श्रीरेणुकाजी से विनय कुमार को कमान सौंपी है। इससे आने वाले समय में सिरमौर का राजनीतिक महत्व और बढ़ने की संभावना है।

विनय कुमार की राजनीतिक यात्रा भी उन्हें इस पद के लिए मजबूत बनाती है। वे वीरभद्र सिंह सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई।

अब नजर विधानसभा उपाध्यक्ष पद की नई नियुक्ति पर भी टिकी है। विनय कुमार के इस्तीफे के बाद माना जा रहा है कि कुल्लू, मंडी या कांगड़ा जैसे जिलों में से कांग्रेस के किसी वरिष्ठ विधायक को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।

इस बीच, निवर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने विनय कुमार को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि युवा नेतृत्व संगठन में नई ऊर्जा लेकर आएगा और पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाएगा।

Next Story