हिमाचल प्रदेश

Shimla: कुल्लू में बादल फटने के बाद ऑरेंज अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी

Admindelhi1
20 Aug 2025 12:29 PM IST
Shimla: कुल्लू में बादल फटने के बाद ऑरेंज अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार कहर बरपा रहा है। आज तड़के कुल्लू जिला के पीज गांव में तड़के करीब साढ़े तीन बजे बादल फटने की घटना सामने आई, जिसके चलते शास्त्री नगर नाले में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया और फ्लैश फ्लड आ गया। इस घटना में नाले में खड़ी 3 से 4 गाड़ियों को नुकसान पहुंचा, वहीं कुछ घरों में मलबा घुस गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।

इधर, मंगलवार बीती रातभर हुई बारिश ने ऊना जिले में भी स्थिति बिगाड़ दी। जिला ऊना के अंब और गगरेट उपमंडलों में सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, कुल्लू जिले के मनाली उपमंडल में भी खराब मौसम और लगातार बारिश को देखते हुए आज सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे हणोगी के पास भूस्खलन के कारण बीती रात से बंद है। प्रशासन ने सुबह से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है और उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर तक हाईवे आंशिक रूप से बहाल हो जाएगा। लेकिन कुल्लू की ओर जाने वाला वैकल्पिक मार्ग भी कन्नौज के पास धंस गया है और इसे खोलने में अभी लंबा समय लग सकता है। हाईवे पर पंडोह डैम के समीप दयोड के पास भी जमीन धंसने से खतरा बना हुआ है, जिसके चलते यहां से ट्रैफिक रोक दिया गया है।

कांगड़ा जिले में लगातार बारिश और पौंग डैम से छोड़े गए पानी ने हालात और चिंताजनक बना दिए हैं। बीबीएमबी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 20 अगस्त की सुबह 7 बजे तक डैम का जलस्तर 1383.13 फुट दर्ज किया गया। डैम में पानी की आमद 68,967 क्यूसेक रही, जबकि कुल 61,878 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें से 17,456 क्यूसेक पानी टरबाइन से और 44,422 क्यूसेक पानी स्पिलवे से छोड़ा गया। इस कारण ब्यास नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और फतेहपुर व इंदौरा उपमंडल के मंड क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे राहत शिविरों में शरण लें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

मौसम विभाग के अनुसार 24 से 27 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है। इस अवधि के लिए विभाग ने पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को घरों से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है। 22 और 23 अगस्त को भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा, जबकि 21 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है लेकिन कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

बीती रात भरवाई में सर्वाधिक 68 मिमी, देहरा गोपीपुर में 63 मिमी और पालमपुर में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण प्रदेश भर में नदियां-नाले उफान पर हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। मंड क्षेत्र के कई गांवों में लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

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