हिमाचल प्रदेश

Shimla: पूर्व एडीजी की छलांग पर विरोधियों ने रोक लगा दी

Admindelhi1
15 Nov 2025 12:48 PM IST
Shimla: पूर्व एडीजी की छलांग पर विरोधियों ने रोक लगा दी
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शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश सिंह राजनीति में उतरने के जुनून में अपने सफल पुलिस करियर को छोड़ बैठे, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में उनका राजनीतिक पदार्पण बेहद खराब साबित हुआ। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने उन्हें छपरा सीट से उम्मीदवार बनाया था, पर उन्हें केवल 3433 वोट मिले और उनकी जमानत भी जब्त हो गई।

डॉ. जेपी सिंह का जन्म 10 जुलाई 1967 को बिहार के एकमा क्षेत्र के तेघड़ा गांव में हुआ। किसान परिवार से निकलकर उन्होंने पहले सेना में सेवा दी, फिर भारतीय पुलिस सेवा में चयन पाया। वह 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी के रूप में हिमाचल कैडर में शामिल हुए। छुट्टियों में वह गांव लौटकर बच्चों को पढ़ाते थे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते थे। उनका यह सामाजिक जुड़ाव उन्हें सार्वजनिक जीवन में आने की प्रेरणा देता रहा।

हिमाचल में उनकी सेवा मुकाम दर मुकाम बढ़ती गई। वह 2001 में कांगड़ा में प्रोबेशन पर तैनात हुए, फिर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांगड़ा बने। इसके बाद राज्यपाल के एडीसी, एसपी चंबा, एसपी सिरमौर, कमांडेंट और एसपी इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। आगे चलकर वह आईजी साउथ रेंज और आईजी नॉर्थ रेंज बने। विजिलेंस में भी उन्होंने अहम जिम्मेदारियां निभाईं।

उनका करियर तब और ऊंचाई पर पहुंचा जब उन्हें 31 जनवरी 2025 को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) पद पर प्रमोशन मिला। लेकिन प्रमोशन के केवल करीब 5 महीने बाद ही उन्होंने राजनीति में कदम रखने का निर्णय लिया और जुलाई 2025 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली, जबकि उनकी नियमित रिटायरमेंट 31 जुलाई 2027 को होनी थी। वीआरएस लेने से पहले वह हिमाचल पुलिस में एडीजीपी सीआईडी के पद पर तैनात थे।

जन सुराज पार्टी ने उन्हें छपरा सीट से टिकट दिया, पर उनका चुनावी प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा। वह 10 उम्मीदवारों में चौथे स्थान पर रहे। इस सीट पर भाजपा की छोटी कुमारी को 86845 वोट, आरजेडी के शत्रुघन यादव को 79245 वोट और आज़ाद उम्मीदवार राखी गुप्ता को 11488 वोट मिले, जबकि डॉ. सिंह को केवल 3433 वोट ही मिले।

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