हिमाचल प्रदेश

Shimla: 23 अगस्त से हिमाचल में मॉनसून पड़ेगा कमजोर, भूस्खलन ने रोकी 145 सड़कें

Admindelhi1
20 Aug 2026 5:42 PM IST
Shimla: 23 अगस्त से हिमाचल में मॉनसून पड़ेगा कमजोर, भूस्खलन ने रोकी 145 सड़कें
x
भूस्खलन से हिमाचल में 145 सड़कें बंद, 23 अगस्त से मॉनसून धीमा होने की संभावना

शिमला: हिमाचल प्रदेश में लगातार सक्रिय मॉनसून के बीच अब लोगों को भारी बारिश से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अगले दो दिन प्रदेश में मॉनसून सक्रिय रहेगा और कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 23 अगस्त से मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 23 से 26 अगस्त तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है, हालांकि इस अवधि के लिए किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बारिश का असर पहले की तुलना में कम रहेगा। वीरवार सुबह राजधानी शिमला में कुछ समय के लिए धूप खिली। प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी कहीं धूप तो कहीं बादल छाए रहे।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सोलन जिले के नालागढ़ में सबसे अधिक 50 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा बिलासपुर के ब्रह्माणी में 49 मिलीमीटर, नैनादेवी में 36 मिलीमीटर, मररान में 25 मिलीमीटर और मंडी जिले के सलापड़ में 21 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अगस्त महीने में अब तक प्रदेश में सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश हुई है। इस दौरान बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं चंबा, हमीरपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, सोलन और ऊना जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। सिरमौर जिले में सामान्य से 31 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार वीरवार सुबह तक प्रदेश में भूस्खलन के कारण एक नेशनल हाईवे और 145 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अलावा 115 बिजली ट्रांसफार्मर और 117 पेयजल परियोजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी जिले में एनएच-003 मंडी-कोटली नेशनल हाईवे धर्मपुर क्षेत्र में रोपडू के पास बंद है।

सड़क बंद होने की सबसे ज्यादा समस्या मंडी जिले में बनी हुई है। यहां 62 सड़कें अवरुद्ध हैं। कुल्लू में 35 और चंबा में 19 सड़कें बंद हैं। बिजली आपूर्ति पर भी बारिश का असर पड़ा है। हमीरपुर जिले में 42, लाहौल-स्पीति में 41 और सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र में 29 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं। हमीरपुर जिले में 107 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

प्रदेश में इस मॉनसून सीजन के दौरान 30 जून से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 205 लोगों की मौत हो चुकी है। इस अवधि में 318 लोग घायल हुए हैं, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। बारिश और भूस्खलन से 85 मकान, 14 दुकानें और 296 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 325 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

मॉनसून सीजन में अब तक प्रदेश को 1085 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान जल शक्ति विभाग को हुआ है। विभाग को करीब 802 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।

Next Story