हिमाचल प्रदेश

Shimla: हिमाचल की अर्थव्यवस्था मजबूत, आत्मनिर्भरता की ओर कदम: सुक्खू

Admindelhi1
21 March 2026 2:32 AM IST
Shimla: हिमाचल की अर्थव्यवस्था मजबूत, आत्मनिर्भरता की ओर कदम: सुक्खू
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शिमला: मुख्यमंत्री सुक्खू ने शुक्रवार को हिमाचल विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर लाये गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में कहा कि हिमाचल प्रदेश आर्थिक तंगी से नहीं जूझ रहा है, राज्य आर्थिक सुधारों के जरिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार लगातार वित्तीय सुधार कर रही है और राज्य को मजबूत आर्थिक स्थिति की ओर ले जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने जैसी चुनौतियों के बावजूद प्रदेश ने तेजी से प्रगति की है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष, खासकर भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले साल कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के छह विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ वोट दिया, जो लोकतंत्र के खिलाफ था। हालांकि, उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन से सरकार बची रही और अब विधानसभा में कांग्रेस की संख्या फिर से 40 हो गई है।

मुख्यमंत्री के इन आरोपों पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विपक्ष पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद भाजपा विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

सुक्खू ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को हर हाल में जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना कर्मचारियों को राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर 2023 और 2025 की प्राकृतिक आपदाओं का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा ने केंद्र से राहत के लिए लाए गए प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।

मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसने अपने कार्यकाल में राज्य के हितों की सही ढंग से रक्षा नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने केंद्र से 70 हजार करोड़ रुपये मिलने के बावजूद राज्य पर 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ दिया। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने आर्थिक सुधारों के जरिए 3800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाया है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं।

जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धौलासिद्ध, लुहरी और सुन्नी जैसी परियोजनाओं के लिए बिना रॉयल्टी के समझौते किए गए थे। उनकी सरकार ने इन परियोजनाओं को अपने हाथ में लेने का फैसला किया है, जिसके बाद सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) ने अदालत का रुख किया है। सुक्खू ने कहा कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी और 50 हजार करोड़ रुपये के संभावित नुकसान को नहीं होने देगी, भले ही इसके लिए एसजेवीएन को 5 हजार करोड़ रुपये देने पड़ें।

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