हिमाचल प्रदेश

Shimla: केंद्रीय सहायता मिलने के बाद भी हिमाचल का विकास ठहरा: बिंदल

Admindelhi1
14 Feb 2026 8:09 PM IST
Shimla: केंद्रीय सहायता मिलने के बाद भी हिमाचल का विकास ठहरा: बिंदल
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में विकास और वित्तीय स्थिति को लेकर सियासत तेज हो गई है। राजीव बिंदल, जो प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष हैं, ने आरोप लगाया है कि केंद्र से रिकॉर्ड आर्थिक सहायता मिलने के बावजूद राज्य में विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई है और इसके लिए राज्य सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।

शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रशासनिक अक्षमता और वित्तीय कुप्रबंधन को छिपाने के लिए लगातार केंद्र सरकार और पूर्व भाजपा सरकारों पर दोषारोपण कर रही है, जबकि राज्य सरकार के अपने दस्तावेज बताते हैं कि हिमाचल को पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक केंद्रीय सहायता प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई सर्वदलीय बैठक को समाधान का मंच बताया गया, लेकिन बैठक की गंभीरता इसलिए संदिग्ध लगती है क्योंकि सत्तारूढ़ दल के कुछ प्रमुख नेता उसमें शामिल नहीं हुए और संबंधित विभागीय मंत्री को भी आमंत्रित नहीं किया गया। उनके अनुसार इससे यह संकेत मिलता है कि बैठक का उद्देश्य सर्वसम्मति बनाना नहीं बल्कि राजनीतिक वातावरण तैयार करना था।

डॉ. बिंदल ने वित्त विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केंद्रीय करों में हिमाचल का हिस्सा बढ़ने से वर्ष 2026 में राज्य को लगभग 13,950 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी विकास तथा आपदा राहत से जुड़े मदों में भी हजारों करोड़ रुपये की सहायता मिलने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि विभिन्न वित्त आयोगों के दौरान भी हाल के वर्षों में प्रदेश को पहले की तुलना में कई गुना अधिक सहायता मिली है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त वित्तीय संसाधन मिलने के बावजूद प्रदेश में कुछ संस्थान बंद किए गए, कर्मचारियों के भत्तों और पेंशन के भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आईं और कई करों तथा शुल्कों में बढ़ोतरी से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उनके अनुसार यह स्थिति बताती है कि समस्या संसाधनों की कमी नहीं बल्कि उनके सही उपयोग की है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि राज्य सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की बजाय परियोजनाओं की तैयारी, निवेश आकर्षित करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर प्रदेश के विकास को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश के आर्थिक सशक्तिकरण और पारदर्शी प्रशासन के मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी।

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