हिमाचल प्रदेश

Shimla: ताइवान यूनिवर्सिटी के साथ हिमाचल विश्वविद्यालय ने एमओयू किया

Admindelhi1
23 Aug 2025 9:04 PM IST
Shimla: ताइवान यूनिवर्सिटी के साथ हिमाचल विश्वविद्यालय ने एमओयू किया
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शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और ताइवान की युआन ज़े यूनिवर्सिटी के बीच अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह और युआन ज़े यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष प्रो. चिंग-जोंग लियाओ द्वारा किया गया।

इस एमओयू का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त शैक्षिक कार्यक्रमों, शोध परियोजनाओं और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। समझौते के तहत निम्न क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगात्। शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच शोध, व्याख्यान और शैक्षणिक गतिविधियों में सहयोग। स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों का अध्ययन और शोध के लिए आदान-प्रदान। प्रकाशित जानकारी का आदान-प्रदान। प्रशिक्षण कार्यक्रमों, इंटर्नशिप और सह-शिक्षण में सहभागिता1

समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय भविष्य में विशिष्ट यात्राओं, द्वैध डिग्री कार्यक्रमों और अन्य सहयोगी परियोजनाओं पर भी कार्य कर सकते हैं। प्रत्येक पहल को अलग से आपसी सहमति से विकसित किया जाएगा।

इस एमओयू के अंतर्गत कोई भी मौद्रिक लेन-देन शामिल नहीं है। सभी वित्तीय व्यवस्थाएँ दोनों पक्षों की उपलब्ध संसाधनों और परस्पर सहमति के अनुसार तय की जाएंगी। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और ताइवान की युआन ज़े यूनिवर्सिटी के बीच अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह और युआन ज़े यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष प्रो. चिंग-जोंग लियाओ द्वारा किया गया।

इस एमओयू का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त शैक्षिक कार्यक्रमों, शोध परियोजनाओं और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। समझौते के तहत निम्न क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगात्। शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच शोध, व्याख्यान और शैक्षणिक गतिविधियों में सहयोग। स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों का अध्ययन और शोध के लिए आदान-प्रदान। प्रकाशित जानकारी का आदान-प्रदान। प्रशिक्षण कार्यक्रमों, इंटर्नशिप और सह-शिक्षण में सहभागिता1

समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय भविष्य में विशिष्ट यात्राओं, द्वैध डिग्री कार्यक्रमों और अन्य सहयोगी परियोजनाओं पर भी कार्य कर सकते हैं। प्रत्येक पहल को अलग से आपसी सहमति से विकसित किया जाएगा।

इस एमओयू के अंतर्गत कोई भी मौद्रिक लेन-देन शामिल नहीं है। सभी वित्तीय व्यवस्थाएँ दोनों पक्षों की उपलब्ध संसाधनों और परस्पर सहमति के अनुसार तय की जाएंगी।

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