हिमाचल प्रदेश

Shimla: चमियाणा अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत, डायलिसिस शुरू

Admindelhi1
27 May 2026 7:31 PM IST
Shimla: चमियाणा अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत, डायलिसिस शुरू
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"मरीजों को बड़ी राहत, चमियाणा अस्पताल में डायलिसिस सेवा उपलब्ध"

शिमला: हिमाचल प्रदेश में किडनी मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राजधानी शिमला के समीप चमियाणा स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पैशलिटी अस्पताल में अब डायलिसिस सुविधा शुरू हो गई है। बुधवार को यहां पहली डायलिसिस प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। इसके साथ ही अब किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को डायलिसिस करवाने के लिए आईजीएमसी शिमला के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

अब तक शिमला और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले ज्यादातर मरीजों को डायलिसिस के लिए आईजीएमसी जाना पड़ता था। वहां पहले से मरीजों का भारी दबाव रहने के कारण लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। कई मरीजों और उनके परिजनों को घंटों अस्पताल में इंतजार करना पड़ता था, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी भी झेलनी पड़ती थी। लेकिन अब चमियाणा सुपर स्पैशलिटी अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार डायलिसिस यूनिट को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है और आने वाले समय में इसकी क्षमता को और बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस सुविधा से सिर्फ शिमला ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले मरीजों को भी फायदा मिलेगा। अस्पताल में आधुनिक मशीनों के जरिए डायलिसिस की सुविधा दी जाएगी, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।

सुपर स्पैशलिटी अस्पताल चमियाणा के चिकित्सा अधीक्षक डा. सुधीर शर्मा ने इसे अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि चमियाणा में पहली डायलिसिस प्रक्रिया का सफल होना बड़ी उपलब्धि है। उनका कहना था कि अब तक किडनी मरीजों को डायलिसिस के लिए आईजीएमसी शिमला जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें चमियाणा में ही यह सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ कम होगा।

डा. सुधीर शर्मा ने कहा कि चमियाणा अस्पताल में सुपर स्पैशलिटी सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि लोगों को एक ही छत के नीचे बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि डायलिसिस सुविधा शुरू होने से आईजीएमसी पर मरीजों का दबाव भी कम होगा और स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ज्यादा सुचारू हो सकेंगी।

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