हिमाचल प्रदेश

Shimla के जंगल में आग, ग्रामीण और पर्यटक परेशान

Ratna Netam
24 April 2026 4:56 PM IST
Shimla के जंगल में आग, ग्रामीण और पर्यटक परेशान
x
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: शिमला के जंगलों में लगी आग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों में दहशत मचा दी है। आग अचानक फैलने से जंगल में wildlife और पर्यावरण को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। प्रशासन और दमकल विभाग ने स्थिति पर काबू पाने के लिए तुरंत कदम उठाए।
स्थानीय लोगों के अनुसार आग सुबह के समय जंगल के एक क्षेत्र में शुरू हुई और तेज़ हवा के कारण तेजी से फैल गई। आग की चपेट में कुछ दूर-दराज़ के गाँव भी आने का खतरा उत्पन्न हुआ, जिससे ग्रामीणों में डर और असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई। कई लोगों ने अपने घरों और फसलों को सुरक्षित करने के लिए तत्काल कदम उठाए।
दमकल विभाग ने बताया कि फायर ब्रिगेड की कई टीमें तुरंत प्रभावित क्षेत्र में पहुंची और आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कहा कि कठिन भू-भाग और तेज़ हवा आग को नियंत्रित करने में बड़ी चुनौती बनी। उन्होंने ग्रामीणों और पर्यटकों से आग्रह किया कि वे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
वन विभाग के अधिकारियों ने आग पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर और पानी की बौछार के विकल्पों पर भी विचार किया। उन्होंने बताया कि जंगल की आग के कारण कई पेड़, जंगली पौधे और जीव-जंतु प्रभावित हुए हैं। विभाग ने आग लगने के संभावित कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि आग संभवतः मानवीय लापरवाही या असावधानी के कारण लगी हो सकती है।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत शिविर लगाने का निर्णय लिया। ग्रामीणों और आग से प्रभावित लोगों को आवश्यक भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री मुहैया कराई गई। अधिकारी लगातार इलाके का निरीक्षण कर रहे हैं और आग की दिशा पर नजर रख रहे हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जंगल की आग से न केवल वन्य जीवन प्रभावित होता है, बल्कि स्थानीय जलवायु और पर्यावरणीय संतुलन पर भी गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए समुदायों को जागरूक करने और जंगल की देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और दमकल विभाग की कोशिशों की सराहना की। एक ग्रामीण ने कहा, “हमने आग की चेतावनी के बाद तुरंत अपने घरों और पशुओं को सुरक्षित किया। प्रशासन की मदद से स्थिति पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया गया।”
Next Story