हिमाचल प्रदेश

Shimla: सरकारी कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू, हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला

Admindelhi1
16 July 2026 9:02 PM IST
Shimla: सरकारी कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू, हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला
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शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी डिग्री कॉलेजों और संस्कृत कॉलेजों में होने वाली प्रत्यक्ष भर्तियों में अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के अभ्यर्थियों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी सरकारी डिग्री और संस्कृत कॉलेजों के प्राचार्यों को आदेश जारी कर दिए हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी कॉलेज भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के प्रावधानों को लागू करना सुनिश्चित करें।

उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश राज्य सरकार के कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव द्वारा 30 जून को जारी किए गए निर्देशों के आधार पर जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत राज्य सरकार की सेवाओं में प्रत्यक्ष भर्ती के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण संबंधी प्रावधानों को लागू किया जाना है। इसी क्रम में अब उच्च शिक्षा विभाग ने भी अपने अधीन आने वाले सभी सरकारी कॉलेजों में इन निर्देशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों और सरकारी संस्कृत कॉलेजों के प्राचार्यों को भेजे गए पत्र में कहा है कि राज्य सरकार के आदेशों का गहन अध्ययन किया जाए और उनके अनुरूप सभी आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में होने वाली किसी भी प्रत्यक्ष भर्ती में ईडब्ल्यूएस आरक्षण से जुड़े नियमों का पूरी तरह पालन हो।

आदेश के अनुसार यह व्यवस्था ग्रुप-ए, ग्रुप-बी, ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के पदों पर होने वाली प्रत्यक्ष भर्तियों पर लागू होगी। पात्र अभ्यर्थियों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि सभी संस्थान भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले आरक्षण संबंधी प्रावधानों को अपने स्तर पर लागू करने की तैयारी पूरी रखें।

उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि इस फैसले के बाद सरकारी कॉलेजों में होने वाली भर्तियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को भी निर्धारित नियमों के तहत अवसर मिलेंगे। इसके लिए सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित सरकारी पत्र का पालन समयबद्ध तरीके से करें और किसी भी स्तर पर देरी नहीं हो।

निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश प्रदेश के सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों और संस्कृत कॉलेजों पर समान रूप से लागू होंगे। भर्ती प्रक्रिया के दौरान आरक्षण से जुड़े सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित संस्थानों की होगी।

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