हिमाचल प्रदेश

Shimla: हिमाचल में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का हुआ परीक्षण

Admindelhi1
16 Jun 2026 10:35 AM IST
Shimla: हिमाचल में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का हुआ परीक्षण
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प्राकृतिक आपदाओं से निपटने को लेकर प्रशासन सतर्क

शिमला: हिमाचल प्रदेश में सोमवार को भूकंप, बादल फटने और जंगलों में आग जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों और अन्य विभागों ने मिलकर आपात स्थिति में किए जाने वाले बचाव और राहत कार्यों का अभ्यास किया।

हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) की ओर से आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह जांचना था कि किसी बड़ी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभाग कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। अभ्यास के दौरान हाल के वर्षों में हुई मॉक ड्रिलों और आपदा प्रबंधन से जुड़े अनुभवों की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। आपदा के समय सूचनाओं के आदान-प्रदान, संसाधनों की उपलब्धता और संयुक्त कार्रवाई की क्षमता में भी सुधार आया है। हालांकि, कई ऐसे क्षेत्र भी चिन्हित किए गए हैं जहां और काम करने की जरूरत है।

मॉक ड्रिल के दौरान आपात स्थिति में संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने, जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं को नियमित रूप से अपडेट करने, अस्पतालों में अतिरिक्त मरीजों के इलाज की व्यवस्था बढ़ाने और यातायात व निकासी प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा राहत एवं बचाव दलों की त्वरित तैनाती के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने की आवश्यकता भी बताई गई।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष चर्चा हुई।

अधिकारियों ने कहा कि किसी बड़ी आपदा की स्थिति में अस्पतालों को अतिरिक्त मरीजों का उपचार करने के लिए पहले से तैयारी रखनी होगी। इसके लिए अस्थायी बिस्तरों, अतिरिक्त स्टाफ और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

अभ्यास में बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि आपदा के समय इन वर्गों के लिए अलग और विशेष राहत एवं बचाव व्यवस्था होना जरूरी है।

मॉक ड्रिल के समापन पर सभी जिलों को निर्देश दिए गए कि वे अपनी आपदा प्रतिक्रिया योजनाओं को और मजबूत करें तथा समय-समय पर ऐसे अभ्यास आयोजित करते रहें। साथ ही लोगों को आपदा से बचाव और तैयारी के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का कहना है कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में भूकंप, भूस्खलन, बादल फटने और जंगलों में आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में नियमित मॉक ड्रिल और बेहतर तैयारी ही नुकसान को कम करने और लोगों की जान बचाने में मददगार साबित हो सकती है।

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