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Shimla: नशा तस्करी के खिलाफ अभियान तेज, 43 आरोपी कानून के शिकंजे में

शिमला: शिमला जिला पुलिस ने नशा तस्करी में बार-बार शामिल होने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए एक आदतन नशा तस्कर को स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम (पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट) के तहत निरुद्ध किया है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे आरोपियों को दोबारा अपराध करने से रोकना और उन्हें समाज तथा सार्वजनिक स्थानों से दूर रखना है।
पुलिस के अनुसार टिक्कर निवासी अनुज चौहान, पुत्र बिहारी लाल, के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट की धारा 3(1) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। इस संबंध में भेजे गए प्रस्ताव को हिमाचल प्रदेश सरकार की मंजूरी मिलने के बाद विधिवत डिटेंशन आदेश जारी किए गए। आदेशों के पालन में 22 जुलाई को आरोपी को पुलिस हिरासत में लिया गया। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे आदर्श कारागार कंडा भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक अनुज चौहान का आपराधिक रिकॉर्ड कई वर्षों पुराना है और उसके खिलाफ अलग-अलग मामलों में पहले भी मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। वर्ष 2014 में सोलन जिले के कंडाघाट थाना में उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 279, 337 और 304-ए तथा मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं 181 और 192 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2016 में रोहड़ू थाना में जुआ अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया।
नशा तस्करी से जुड़े मामलों में उसके खिलाफ वर्ष 2023 में रोहड़ू थाना में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 21, 25 और 29 के तहत तथा वर्ष 2024 में जुब्बल-कोटखाई थाना में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 21 और 29 के तहत मामले दर्ज किए गए थे।
पुलिस ने कहा कि आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों, अपराध दोहराने की प्रवृत्ति और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में उसकी संलिप्तता को देखते हुए उसके खिलाफ यह निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
जिला शिमला पुलिस के अनुसार अब तक जिले में 43 आरोपियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।





