हिमाचल प्रदेश

Shimla: भाजपा ने रोस्टर बदलाव प्रस्ताव पर विधानसभा से किया वॉकआउट

Admindelhi1
2 April 2026 10:59 AM IST
Shimla: भाजपा ने रोस्टर बदलाव प्रस्ताव पर विधानसभा से किया वॉकआउट
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव से पहले उपायुक्तों (डीसी) को आरक्षण रोस्टर में 5 प्रतिशत तक बदलाव करने की शक्तियां देने के फैसले को लेकर बुधवार को विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी दल भाजपा ने सरकार की ओर से जारी अधिसूचना का विरोध करते हुए सदन की कार्यवाही शुरू होते ही काम रोको प्रस्ताव पेश किया और इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की।

भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने नियम 67 के तहत काम रोको प्रस्ताव दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि प्रस्ताव प्राप्त हो गया है, लेकिन इसे स्वीकार करना है या नहीं, इस पर निर्णय प्रश्नकाल के बाद लिया जाएगा। विपक्षी विधायक इस बात से सहमत नहीं हुए और उन्होंने मांग की कि पहले प्रस्ताव पर फैसला लिया जाए और चर्चा को अधिकृत किया जाए। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने अपने पहले के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र में पहले ही तय किया जा चुका है कि नियम 67 के तहत लाए गए प्रस्तावों पर निर्णय प्रश्नकाल के बाद ही लिया जाएगा।

विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही साढ़े 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो स्थगन प्रस्ताव लाने वाले विधायक रणधीर शर्मा को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। इसके बाद सत्तापक्ष की ओर से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सरकार का पक्ष रखा, जबकि विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी अपनी बात रखी। अंत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूरे मामले पर सरकार की ओर से जवाब दिया और फैसले को जनहित में बताया।

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने चर्चा के बाद कहा कि सरकार इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट कर चुकी है और यह फैसला व्यापक जनहित में लिया गया है। उन्होंने कहा कि नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करना जरूरी नहीं है, क्योंकि ऐसी कोई आपात स्थिति नहीं है जिसके कारण सदन का पूरा काम रोककर इस विषय पर चर्चा की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी नियम 67 के तहत लाए जाने वाले प्रस्तावों पर निर्णय प्रश्नकाल के बाद ही लिया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष के इस निर्णय से नाराज होकर विपक्षी भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष के वॉकआउट के कारण प्रश्नकाल में सवाल नहीं हो सके और बाद में विपक्ष की ओर से लाई गई चर्चाओं में भी उनके विधायक शामिल नहीं हुए। इसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर करीब साढ़े 12 बजे ही समाप्त करनी पड़ी, क्योंकि आगे कोई कामकाज शेष नहीं बचा था। इस दौरान सरकार की ओर से कुछ विधेयक सदन में पेश किए गए और एक विधेयक बिना चर्चा के ही पारित कर दिया गया।

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