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Shimla : जुब्बल के निजी स्कूल में छात्र की पिटाई का आरोप, पिता ने दर्ज कराई शिकायत

Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : जिला शिमला के जुब्बल क्षेत्र में एक निजी स्कूल के छात्रावास में पढ़ने वाले 13 वर्षीय छात्र की पिटाई का आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता विक्रम सिंह, जो गांव छाजपुर, डाकघर डाढी रावत, तहसील जुब्बल के निवासी हैं, ने अपने बेटे के साथ हुई इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार, विक्रम सिंह का बेटा कक्षा आठवीं में पढ़ता है और स्कूल के छात्रावास में रह रहा है। अप्रैल महीने में छात्र के पांव में चोट लगने के बाद उसका इलाज कराया गया। हालांकि, कुछ समय बाद बेटे को फिर से दर्द महसूस होने लगा, जिसके चलते विक्रम सिंह ने अस्पताल में जांच करवाई। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि उनके बेटे को स्कूल में पीटा गया था।
विक्रम सिंह ने बताया कि उनके बेटे के साथ हुई मारपीट से उसे शारीरिक और मानसिक चोटें भी आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने छात्रावास में रहने वाले बच्चों के सुरक्षा और भलाई की पर्याप्त देखभाल नहीं की। उनका कहना है कि बच्चे के घायल होने और चोट बढ़ने के बावजूद स्कूल की ओर से कोई जिम्मेदारी नहीं ली गई।
घटना की जानकारी मिलते ही विक्रम सिंह ने पुलिस थाना जुब्बल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आवश्यक पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि स्कूल के संबंधित कर्मचारियों और छात्रावास स्टाफ से बयान लिए जाएंगे, ताकि घटना की पूरी जांच की जा सके।
इस मामले ने स्थानीय स्तर पर चिंता और चर्चा को जन्म दिया है। क्षेत्र के अभिभावक और समाजसेवी इस बात पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि स्कूलों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त निगरानी नहीं हो रही है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों में शीघ्र और कड़ा एक्शन लिया जाए, ताकि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार न हो।
शिक्षा विभाग ने भी मामले पर ध्यान देने की बात कही है। अधिकारियों ने कहा कि छात्रावास और निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद स्कूल प्रशासन और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने स्कूलों में छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा और देखभाल के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा के लिए स्कूलों में नियमित निगरानी, शिक्षक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण प्रणाली अनिवार्य होनी चाहिए।
विक्रम सिंह ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनके बेटे के साथ हुई पिटाई के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिले और भविष्य में किसी अन्य बच्चे के साथ ऐसी घटना न हो। पुलिस ने इस मामले में पूरे नियम और प्रक्रिया के तहत जांच जारी रखी है और आवश्यकतानुसार स्कूल प्रशासन से सहयोग मांगा जाएगा।
इस प्रकार, जुब्बल के निजी स्कूल में छात्र की पिटाई का मामला गंभीर चिंता का विषय बन गया है और इसकी जांच में प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है।





