हिमाचल प्रदेश

Shimla: राजशाही वाली सोच छोड़ने की सलाह, बिंदल का विक्रमादित्य पर निशाना

Admindelhi1
9 July 2026 5:02 PM IST
Shimla: राजशाही वाली सोच छोड़ने की सलाह, बिंदल का विक्रमादित्य पर निशाना
x
नेतृत्व का फैसला जनता करती है, परिवार नहीं: राजीव बिंदल

शिमला: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य सिंह के बयान यह दिखाते हैं कि वह अभी भी राजशाही की सोच से बाहर नहीं निकल पाए हैं। उनका कहना है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां नेतृत्व का फैसला जनता करती है, किसी परिवार या वंश के आधार पर नहीं होता।

डॉ. बिंदल ने वीरवार को कहा कि संभव है राजपरिवार से आने की वजह से विक्रमादित्य सिंह को लगता हो कि सामान्य परिवार से आने वाला व्यक्ति राजनीति और समाज सेवा में आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को नेतृत्व करने का समान अधिकार है और अंतिम फैसला जनता के हाथ में होता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह विक्रमादित्य सिंह की मौजूदा उम्र से भी अधिक समय से हिमाचल प्रदेश में जनसेवा और समाज सेवा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका परिवार आजादी से कई दशक पहले से समाज सेवा करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रमाण किसी से लेने की जरूरत नहीं है।

डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि विक्रमादित्य सिंह लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियां और झूठे आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी मंत्री ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं, जिसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में मानहानि का दावा दायर किया था। उनका कहना है कि बाद में विक्रमादित्य सिंह ने व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क कर वह दावा वापस लेने का आग्रह किया था। बिंदल ने आरोप लगाया कि अब भी मंत्री तथ्यों की जगह व्यक्तिगत आरोपों का सहारा लेकर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए साढ़े तीन साल हो चुके हैं, फिर भी प्रदेश के लोग खराब सड़कों, रुके हुए विकास कार्यों, बेरोजगारी और अव्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कई सड़कें खराब हालत में हैं और लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि लोक निर्माण मंत्री होने के बावजूद विक्रमादित्य सिंह इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त हैं।

Next Story