हिमाचल प्रदेश

सांप के जहर की दवा सड़क पर मिलने से हड़कंप विभाग ने शुरू की पड़ताल

nidhi
11 Sept 2026 10:53 AM IST
सांप के जहर की दवा सड़क पर मिलने से हड़कंप विभाग ने शुरू की पड़ताल
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सड़क पर बिखरे मिले एंटी स्नेक वेनम
मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी में सड़क किनारे एंटी स्नेक वेनम (ASV) के डिब्बे मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। सर्पदंश के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण दवा इस तरह सड़क पर कैसे पहुंची, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। दवा के बैच नंबर और सप्लाई से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये डिब्बे कहां के लिए भेजे गए थे और रास्ते में कैसे पड़े मिले। एंटी स्नेक वेनम सांप के विष के प्रभाव से निपटने के लिए अस्पतालों में इस्तेमाल की जाने वाली महत्वपूर्ण दवा है। खासकर बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने के कारण अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में इसकी उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में दवा के डिब्बों का सड़क पर मिलना गंभीर लापरवाही की आशंका पैदा करता है।
बैच नंबर से पता चलेगा कहां की थी सप्लाई
स्वास्थ्य विभाग दवा के पैकेट और उन पर दर्ज बैच नंबर समेत अन्य विवरणों की जांच कर रहा है। इन जानकारियों के आधार पर सप्लाई चेन का पता लगाया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि एंटी स्नेक वेनम किस अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र या अन्य संस्थान के लिए जारी किया गया था। विभाग स्टॉक रजिस्टर और वितरण रिकॉर्ड का मिलान भी कर सकता है। यदि संबंधित बैच किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान के लिए जारी हुआ था तो वहां प्राप्त स्टॉक और उपयोग किए गए वायल की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
लापरवाही या परिवहन के दौरान गिरे?
जांच में प्रमुख सवाल यह है कि दवा जानबूझकर फेंकी गई या परिवहन के दौरान गलती से सड़क पर गिर गई। इसके अलावा एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग की स्थिति की भी जांच की जा सकती है। इन सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी। दवाओं की सप्लाई और भंडारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है। एंटी स्नेक वेनम जैसी दवा के मामले में निर्माता के निर्देशों के अनुरूप तापमान और स्टोरेज की शर्तों का पालन भी महत्वपूर्ण है।
सर्पदंश के इलाज में बेहद अहम ASV
सांप के काटने के बाद मरीज में विष के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक स्थिति के अनुसार एंटी स्नेक वेनम देने का फैसला करते हैं। इसकी मात्रा मरीज की स्थिति और विष के प्रभाव के आधार पर तय की जाती है। सर्पदंश की स्थिति में मरीज को जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है। सड़क पर पड़े मिले वायल या दवा को इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि उसके सुरक्षित भंडारण की पुष्टि नहीं की जा सकती।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
स्वास्थ्य विभाग अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटा है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी ली जा सकती है। अगर जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि सड़क पर मिले एंटी स्नेक वेनम के डिब्बों की वास्तविक संख्या कितनी थी और वे किस स्वास्थ्य संस्थान से संबंधित थे। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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