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हिमाचल प्रदेश
Salgran के ग्रामीण सिंचाई नहर टूटने से कृषि संकट में
Ratna Netam
7 May 2026 4:30 PM IST

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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के सालग्रान गांव में मुख्य सिंचाई नहर के टूटने से किसानों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय किसान यह बता रहे हैं कि लंबे समय से चली आ रही नहर की स्थिति ने फसलों की सिंचाई को लगभग असंभव बना दिया है। इसके कारण ग्रामीणों की कृषि उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है और उनके जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि टूटी नहर की वजह से खेतों में पानी नहीं पहुँच पा रहा, जिससे गेहूं और सब्जियों की फसलें सूख रही हैं। किसान हर दिन नहर के पास जाकर स्वयं पानी की व्यवस्था करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। "हमारी मेहनत बेकार हो रही है, और सरकार से मदद मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं," एक स्थानीय किसान ने कहा।
सालग्रान पंचायत के प्रधान ने बताया कि सिंचाई नहर की मरम्मत कई महीनों से लंबित है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, "हमारे गांव की कृषि व्यवस्था नहर पर निर्भर है। नहर टूटने से पूरे गांव के किसान प्रभावित हो रहे हैं और आने वाले समय में कृषि संकट गहरा सकता है।"
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई नहर की नियमित देखभाल और समय पर मरम्मत किसानों की आर्थिक सुरक्षा और फसलों की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नहर की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीण क्षेत्र में खाद्य उत्पादन और रोज़गार दोनों प्रभावित होंगे।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि नहर की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। अधिकारीयों ने आश्वासन दिया कि जल आपूर्ति बहाल करने के लिए आपातकालीन इंतज़ाम किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने भी स्वयं प्रयास शुरू कर दिए हैं। कई किसान छोटे-बड़े पाइप और मोटर लगाकर खेतों में पानी पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह सीमित मात्रा में ही संभव हो पा रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि सिंचाई नहर की पूरी मरम्मत जल्द की जाए और भविष्य में ऐसे संकट से बचने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि सालग्रान जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों में सिंचाई प्रणाली की नियमित निगरानी और रख-रखाव किसानों की आजीविका और क्षेत्रीय कृषि उत्पादन के लिए आवश्यक है।
इस स्थिति ने सालग्रान के किसानों की चिंता और निराशा को बढ़ा दिया है। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो फसल नुकसान और आर्थिक तंगी के कारण कई किसान अतिरिक्त ऋण लेने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
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