हिमाचल प्रदेश

आरएसएस शताब्दी वर्ष कार्यक्रम, पथ संचलन और विचारधारा परिचय

SHIDDHANT
3 Oct 2025 12:11 AM IST
आरएसएस शताब्दी वर्ष कार्यक्रम, पथ संचलन और विचारधारा परिचय
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Paonta Sahib पांवटा साहिब: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश में सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को संघ की विचारधारा से अवगत करवाते हुए शहर में पथ संचलन किया गया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि आरएसएस ने एक राष्ट्रवादी संगठन के रूप में 100 साल पूरे कर लिए हैं। 1925 में विजयादशमी के दिन ही संघ की पहली शाखा शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लोकतंत्र को बचाने के लिए लंबा संघर्ष किया।
उन्‍होंने कहा कि नागपुर में आरएसएस की स्‍थापना डॉक्‍टर केशव राव बलिराम हेडगेवार ने की थी। हेडगेवार ने पांच बालकों को लेकर संघ की शाखा की शुरुआत की थी। संघ ने अपना कार्य क्षेत्र शाखा के रूप में रखा। संघ से निकलने वाले स्‍वयंसेवकों ने अलग-अलग प्रकार से अलग-अलग क्षेत्रों में समान विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम किया। राजीव बिंदल ने कहा कि 100 वर्ष संघ की यात्रा के बेहद कठिन रहे हैं। साल 1948 में महात्मा गांधी की हत्या का आरोप कांग्रेस द्वारा संघ के ऊपर जड़ दिया गया। संघ के लोगों को बहुत बड़ी संख्या में जेलों में डाला गया, यातनाएं दी गई। आखिर में संघ के हित में न्यायालय ने फैसला देते हुए कहा कि इस पूरी घटना में संघ की कोई भूमिका नहीं है।
उन्होंने कहा कि संघ राष्ट्रवादी संगठन है, जो बिना किसी चिंता के निरंतर आगे बढ़ता गया। उन्होंने बताया कि इसके पश्चात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में जहां इमरजेंसी लगाई तो वहीं संघ पर प्रतिबंध लगाया गया। संघ के कार्यकर्ताओं को फिर से जेलों में बंद किया गया। संघ ने लोकतंत्र को बचाने के लिए लंबा संघर्ष किया। इन सबके बावजूद राष्‍ट्र के अलग-अलग विषयों को लेकर संघ आगे बढ़ता रहा।
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