हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में 55 हजार करोड़ की हाईवे परियोजनाओं की समीक्षा

Kavita2
10 Oct 2026 12:31 PM IST
हिमाचल में 55 हजार करोड़ की हाईवे परियोजनाओं की समीक्षा
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शिमला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में संचालित विभिन्न केंद्रीय विकास परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने 55,103 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, 15,624 करोड़ रुपये की किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना, रेलवे कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूरे करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के लिए महत्वपूर्ण चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। करीब 1,540 करोड़ रुपये की लागत वाली इस रेललाइन का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, परियोजना के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की 231 करोड़ रुपये की देय हिस्सेदारी का हस्तांतरण अभी लंबित है। नड्डा ने राज्य सरकार से यह राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके।

55,103 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश में चल रही 55,103 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में सड़क संपर्क का विशेष महत्व है। यहां सड़कें न केवल स्थानीय लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं, बल्कि पर्यटन, व्यापार, उद्योग और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

समीक्षा बैठक में नड्डा ने निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं के लिए लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।

हालांकि, समीक्षा में किन-किन राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति पर अलग-अलग चर्चा हुई और प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति क्या है, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना पर भी चर्चा

बैठक में 15,624 करोड़ रुपये की किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना की भी समीक्षा की गई।

यह परियोजना जल संसाधनों के विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना है। बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं में जल प्रबंधन, जलापूर्ति और ऊर्जा उत्पादन जैसे विभिन्न पहलू शामिल हो सकते हैं।

किशाऊ परियोजना हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े यमुना नदी तंत्र के जल संसाधनों के उपयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

नड्डा ने इस परियोजना की प्रगति का भी जायजा लिया और निर्माण कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

हालांकि, बैठक में किशाऊ परियोजना के लिए कौन-सी नई समयसीमा निर्धारित की गई या किन कार्यों को प्राथमिकता दी गई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन पर विशेष जोर

समीक्षा बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन परियोजना रही।

इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,540 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके निर्माण का लक्ष्य दिसंबर 2027 निर्धारित किया गया है।

बद्दी हिमाचल प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। यहां विभिन्न उद्योगों की मौजूदगी के कारण बेहतर परिवहन और माल ढुलाई की सुविधाओं की आवश्यकता रहती है।

रेल संपर्क विकसित होने से औद्योगिक क्षेत्र को परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा।

इसके अलावा, रेललाइन के निर्माण से क्षेत्र में यात्रियों के आवागमन और औद्योगिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलने की संभावना है।

हालांकि, परियोजना का कितना निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और वर्तमान में कौन-से हिस्सों पर काम चल रहा है, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

राज्य सरकार की 231 करोड़ की हिस्सेदारी लंबित

चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन परियोजना के संबंध में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा हिमाचल प्रदेश सरकार की लंबित वित्तीय हिस्सेदारी का रहा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1,540 करोड़ रुपये की इस परियोजना में राज्य सरकार की 231 करोड़ रुपये की देय हिस्सेदारी का हस्तांतरण अभी बाकी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदेश सरकार से इस राशि को जल्द जारी करने का आग्रह किया।

उन्होंने परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

किसी भी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना में वित्तीय संसाधनों की समय पर उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है।

यदि संबंधित हिस्सेदारी का हस्तांतरण लंबित रहता है, तो परियोजना के वित्तीय प्रबंधन और निर्माण की योजना पर प्रभाव पड़ सकता है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि राज्य सरकार की ओर से राशि जारी करने के संबंध में क्या जवाब दिया गया।

दिसंबर 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन के निर्माण के लिए दिसंबर 2027 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस समयसीमा को देखते हुए परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों और वित्तीय व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।

नड्डा ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट किया कि केंद्रीय परियोजनाओं के निर्माण कार्यों के लिए लक्ष्य तय किए जाएं और उन्हें निर्धारित अवधि में पूरा किया जाए।

चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन का निर्माण पूरा होने पर बद्दी औद्योगिक क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल होगी।

रेल संपर्क से माल परिवहन के विकल्प बढ़ सकते हैं और सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, परियोजना के पूरा होने के बाद रेल सेवाओं के संचालन, ट्रेनों की संख्या या माल ढुलाई क्षमता के संबंध में कोई नई घोषणा उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर की भी हुई समीक्षा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे की भी समीक्षा की।

हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं तक सुगम पहुंच एक महत्वपूर्ण विषय है।

दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर अस्पताल, चिकित्सा सुविधाएं और स्वास्थ्य संबंधी आधारभूत संरचना आवश्यक होती है।

समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र की केंद्रीय परियोजनाओं की प्रगति को भी शामिल किया गया।

हालांकि, बैठक में किन अस्पतालों, चिकित्सा संस्थानों या स्वास्थ्य परियोजनाओं की अलग-अलग समीक्षा हुई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

नड्डा ने केंद्रीय परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।

रेल और सड़क संपर्क से विकास को मिलेगी गति

हिमाचल प्रदेश में सड़क और रेल संपर्क का विस्तार प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं का विकास चुनौतीपूर्ण होता है।

ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और नई रेललाइन का निर्माण व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

विशेष रूप से बद्दी जैसे औद्योगिक क्षेत्र के लिए रेल संपर्क का विकास महत्वपूर्ण है।

चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन के निर्माण से उद्योगों को परिवहन के नए विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।

वहीं, राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच सड़क संपर्क बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश

उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने स्पष्ट समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने पर जोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करने को कहा, ताकि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग, किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना, रेल कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया।

फिलहाल, हिमाचल प्रदेश में 55,103 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और 15,624 करोड़ रुपये की किशाऊ परियोजना की समीक्षा के साथ चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य सामने आया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य सरकार से रेललाइन के लिए लंबित 231 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी जल्द जारी करने का आग्रह किया है।

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