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हिमाचल प्रदेश : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पेंशनरों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 67 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को उनके पूरे बकाये, लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके लंबित वेतन के अलावा 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। सरकार के इस फैसले को हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
पेंशनरों के लंबित भुगतान पर सरकार का फैसला
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार फैसले ले रही है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पेंशनरों को उनके अधिकारों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया गया है।
उन्होंने कहा कि 67 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को बकाया राशि, लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का पूरा भुगतान किया जा चुका है। इससे उम्रदराज पेंशनरों को आर्थिक राहत मिली है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
इन कर्मचारियों को उनके लंबित वेतन भुगतान के साथ 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
बेसिक-पे की शर्त हटाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के पेंशनरों को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन पेंशनरों से संबंधित बेसिक-पे की शर्त हटाने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
मौजूदा व्यवस्था में कुछ पेंशनरों को लंबित बकाये के भुगतान के लिए बेसिक-पे से जुड़ी शर्तों का सामना करना पड़ रहा था। सरकार के नए फैसले के बाद पात्र पेंशनरों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
35 प्रतिशत बकाये का होगा भुगतान
मुख्यमंत्री के अनुसार, बेसिक-पे की शर्त हटाए जाने के बाद सभी पात्र पेंशनरों को लंबित बकाये का 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस भुगतान के बाद कर्मचारियों के कुल लंबित बकाये का 57 प्रतिशत हिस्सा चुकता हो जाएगा।
सरकार का दावा है कि यह कदम कर्मचारियों और पेंशनरों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीद
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पेंशनरों और कर्मचारी संगठनों में उम्मीद बढ़ी है। लंबे समय से लंबित भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक सहायता मिलेगी।
कर्मचारी संगठनों की ओर से भी सरकार से लगातार मांग की जाती रही है कि लंबित देय राशि का जल्द भुगतान किया जाए।
सरकार का वित्तीय प्रबंधन पर जोर
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन साथ ही राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से फैसले लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सभी पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों को उनका अधिकार मिले।
पेंशनरों के लिए अहम कदम
राज्य सरकार के इस फैसले को पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों और लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त 20 हजार रुपये की घोषणा और अन्य श्रेणी के पेंशनरों के लिए लंबित भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आगे की प्रक्रिया पर नजर
अब सभी की नजर सरकार की ओर से जारी होने वाले औपचारिक निर्देशों पर है। बेसिक-पे की शर्त हटाने के बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी।
सरकार के इस फैसले से हिमाचल प्रदेश के हजारों पेंशनरों और कर्मचारियों को आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है। वहीं, कर्मचारी संगठन आगे भी लंबित मांगों को लेकर सरकार के फैसलों पर नजर बनाए रखेंगे।





