हिमाचल प्रदेश

बिजली उपभोक्ताओं को राहत, Kangra में स्मार्ट मीटर अनिवार्यता हटाई गई

Ratna Netam
5 April 2026 4:00 PM IST
बिजली उपभोक्ताओं को राहत, Kangra में स्मार्ट मीटर अनिवार्यता हटाई गई
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा जिले के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि अब स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार, स्मार्ट मीटर को लेकर कई उपभोक्ताओं ने चिंता जताई थी। उन्हें यह डर था कि स्मार्ट मीटर की लागत और तकनीकी समस्याओं के कारण अतिरिक्त शुल्क या परेशानी हो सकती है। केंद्र सरकार के इस निर्देश के बाद अब उपभोक्ताओं को अपने पुराने मीटर का उपयोग जारी रखने की अनुमति दी गई है।
कांगड़ा विद्युत वितरण कंपनी ने कहा कि यह निर्णय उपभोक्ताओं की सुविधा और उनकी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कंपनी अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर अब केवल उन क्षेत्रों में लगाए जाएंगे, जहां इसे तकनीकी रूप से अनिवार्य समझा जाए। वहीं अन्य उपभोक्ता अपनी मौजूदा व्यवस्था के साथ सुरक्षित रहेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्ट मीटर का उद्देश्य बिजली की खपत और बिलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना था। हालांकि, ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में तकनीकी बाधाओं और उपभोक्ताओं की असमर्थता के कारण इसे अनिवार्य करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। केंद्र का यह निर्णय उपभोक्ताओं की सुविधा और शिकायतों को देखते हुए लिया गया है।
स्थानीय उपभोक्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता हटने से उनकी जेब पर बोझ कम होगा और तकनीकी समस्याओं से राहत मिलेगी। कई उपभोक्ताओं ने कहा कि वे अब बिना किसी दबाव के अपने पुराने मीटर का उपयोग जारी रख पाएंगे।
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने जनता से अपील की कि वे अपने मीटर और बिजली बिल की नियमित जांच करते रहें और किसी भी समस्या के मामले में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को सुरक्षित और सुविधाजनक सेवा प्रदान करना है।
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता हटाना उपभोक्ताओं के हित में एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति में राहत मिलेगी, बल्कि उन्हें तकनीकी समस्याओं और प्रक्रियागत जटिलताओं से भी मुक्ति मिलेगी।
कुल मिलाकर, कांगड़ा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए केंद्र का यह निर्णय राहत देने वाला साबित होगा। स्मार्ट मीटर अब अनिवार्य नहीं रहेगा, जिससे उपभोक्ताओं की सुविधा बढ़ेगी और बिजली वितरण प्रक्रिया में संतुलन बना रहेगा।
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