हिमाचल प्रदेश

Rathore ने सेब किसानों के लिए चेतावनी दी

Payal
29 April 2026 6:39 PM IST
Rathore ने सेब किसानों के लिए चेतावनी दी
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: केंद्रीय कृषि एवं उत्पादक संघ के नेता राठौड़ ने भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समझौते से देश के सेब उत्पादकों को गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड से सेब के आयात में वृद्धि स्थानीय किसानों के लिए प्रतिकूल साबित हो सकती है।
राठौड़ ने बताया कि न्यूज़ीलैंड से आयातित सेब की कीमत और गुणवत्ता घरेलू उत्पादकों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकती है। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो देश के छोटे और मध्यम स्तर के सेब उगाने वाले किसान आर्थिक नुकसान झेल सकते हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि न्यूज़ीलैंड के सेब की उपलब्धता और कम लागत भारतीय बाजार में दबाव डाल सकती है। इससे घरेलू किसानों को अपने उत्पादन की कीमत में गिरावट और विपणन की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि FTA के दौरान घरेलू उत्पादन की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय शामिल किए जाएं।
राठौड़ ने कहा, “हमने सरकार से आग्रह किया है कि FTA को लागू करने से पहले सेब उगाने वाले किसानों के हितों को ध्यान में रखा जाए। उचित नीति और सहायक उपायों के बिना यह समझौता किसानों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।”
उल्लेखनीय है कि भारत-न्यूजीलैंड FTA के तहत कृषि और फलों के आयात-निर्यात में सुधार के उद्देश्य से प्रावधान किए गए हैं। लेकिन घरेलू उत्पादन और किसानों की आय की सुरक्षा को भी समान महत्व देना आवश्यक है।
स्थानीय किसानों ने भी इस फैसले को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आयातित सेब की सस्ती कीमत से घरेलू उत्पादन को नुकसान पहुंच सकता है और उन्हें बाजार में टिकने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि सरकार को आयात पर नियंत्रण, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और विपणन सहायता जैसी नीतियों के माध्यम से घरेलू किसानों की सुरक्षा करनी चाहिए। इससे घरेलू उत्पादकों को अपने उत्पाद की कीमत और गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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