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शिमला। हिमाचल प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सोमवार को कांग्रेस की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है और महंगाई का अतिरिक्त बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है। बिंदल ने विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए दावा किया कि कांग्रेस सरकार के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि भाजपा आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के लगभग 8,000 मतदान केंद्रों पर संगठन को मजबूत करने में जुटी है।शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच पहुंच रहे हैं। पार्टी बूथ स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों को देखते हुए जनसंपर्क कार्यक्रम, कार्यकर्ता प्रशिक्षण और वरिष्ठ नेताओं के नियमित दौरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
8000 मतदान केंद्रों पर संगठन मजबूत करने की तैयारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्यभर के लगभग 8,000 मतदान केंद्रों पर संगठन को सक्रिय बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी बूथ स्तर पर खुद को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। भाजपा कार्यकर्ता संगठन को मजबूत करने और राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक पहुंचने के काम में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।"बिंदल ने कहा कि संगठनात्मक मजबूती के लिए केवल बड़ी सभाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि गांव, पंचायत और बूथ स्तर पर लोगों से संपर्क बनाए रखना भी जरूरी है।इससे पहले कुल्लू में आयोजित संगठनात्मक बैठक में भी उन्होंने कार्यकर्ताओं को गांवों और पंचायतों तक पहुंचने तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के निर्देश दिए थे।
कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप
राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर चुनावी गारंटियों को लेकर सवाल उठाए।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद उन्हें पूरी तरह लागू नहीं किया गया।बिंदल ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक सहायता, युवाओं को रोजगार और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जनता के सामने जवाब देना चाहिए।इससे पहले भी उन्होंने सरकार से महिलाओं को आर्थिक सहायता और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने संबंधी घोषणाओं को पूरा करने की मांग की थी।
महंगाई और विकास कार्यों को लेकर उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में बढ़ती महंगाई के कारण आम लोगों पर आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के निर्णयों से जनता की परेशानियां बढ़ी हैं।बिंदल ने विकास कार्यों की गति को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उनका दावा है कि विभिन्न क्षेत्रों में विकास संबंधी गतिविधियां अपेक्षित रफ्तार से आगे नहीं बढ़ रही हैं।हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक मूल्यांकन संबंधित सरकारी आंकड़ों तथा उनके क्रियान्वयन के आधार पर किया जा सकता है।
भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष जोर
आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दे रही है।पार्टी का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन की गतिविधियों, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों से जुड़े कार्यक्रमों के लिए तैयार करना है।वरिष्ठ नेताओं के प्रदेशव्यापी दौरों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों में बूथ स्तर की गतिविधियों की समीक्षा के साथ संगठन को मजबूत बनाने की रणनीति पर चर्चा हो रही है।भाजपा की हालिया प्रदेश पदाधिकारी बैठक में भी संगठनात्मक कार्यक्रमों और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने पर विचार किया गया था।
2027 के विधानसभा चुनाव पर भाजपा की नजर
हिमाचल प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 में प्रस्तावित हैं। ऐसे में राजनीतिक दल अपनी तैयारियों को आगे बढ़ा रहे हैं।राजीव बिंदल ने कार्यकर्ताओं से जनता की समस्याओं को समझने और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी बढ़ रही है। हालांकि, यह भाजपा नेता का राजनीतिक आकलन है और चुनावी परिणाम मतदाताओं के निर्णय पर निर्भर करेंगे।
जनता से सीधा संवाद बढ़ाने पर जोर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी आने वाले समय में जनसंपर्क कार्यक्रमों का विस्तार करेगी। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय समस्याओं को समझें और लोगों के बीच नियमित रूप से उपस्थित रहें।इस बीच, कांग्रेस सरकार के कामकाज को लेकर भाजपा की आलोचना और विधानसभा चुनाव की तैयारियों ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में गतिविधियां बढ़ा दी हैं।आगामी महीनों में दोनों प्रमुख दलों की संगठनात्मक तैयारियों, जनसंपर्क अभियानों और सरकार की योजनाओं को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी रहने की संभावना है।
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