हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में PWD के चीफ इंजीनियर ने मांगी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, सरकार ने मंजूर किया आवेदन

Kavita2
8 Oct 2026 12:09 PM IST
हिमाचल में PWD के चीफ इंजीनियर ने मांगी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, सरकार ने मंजूर किया आवेदन
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में एक वरिष्ठ अधिकारी ने सरकारी सेवा से समय से पहले सेवानिवृत्त होने का फैसला किया है। मंडी जोन में मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत इंजीनियर नरेंद्र पाल सिंह चौहान ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है। प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। आदेश के अनुसार, नरेंद्र पाल सिंह चौहान 31 दिसंबर 2026 की दोपहर बाद सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। यह फैसला अधिकारी के स्वयं के अनुरोध पर लिया गया है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (समयपूर्व सेवानिवृत्ति) नियम, 2022 के तहत उनकी सेवानिवृत्ति को मंजूरी दी है।

कार्मिक विभाग ने जारी किया आधिकारिक आदेश

हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग की नियुक्ति-प्रथम शाखा ने 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र पाल सिंह चौहान की समयपूर्व सेवानिवृत्ति के संबंध में अधिसूचना जारी की।

अधिसूचना में बताया गया है कि राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (समयपूर्व सेवानिवृत्ति) नियम, 2022 के नियम 4(2) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मुख्य अभियंता के आवेदन को स्वीकार किया है।

सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी ने स्वयं समय से पहले सेवानिवृत्त होने का अनुरोध किया था।

इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए सरकार ने उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की है।

आदेश जारी होने के बाद अब उनकी सेवा से संबंधित आगामी औपचारिकताएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएंगी।

31 दिसंबर की दोपहर बाद होंगे कार्यमुक्त

कार्मिक विभाग की अधिसूचना के अनुसार, मुख्य अभियंता नरेंद्र पाल सिंह चौहान 31 दिसंबर की दोपहर बाद से सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त माने जाएंगे।

इसका अर्थ है कि वह निर्धारित तारीख तक लोक निर्माण विभाग में अपने वर्तमान पद की जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।

सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद अब उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख आधिकारिक रूप से तय हो चुकी है।

हालांकि, उनकी जगह मंडी जोन में किस अधिकारी को मुख्य अभियंता की जिम्मेदारी दी जाएगी, इस संबंध में अधिसूचना में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

नई नियुक्ति अथवा अतिरिक्त प्रभार को लेकर सरकार की ओर से अलग आदेश जारी किया जा सकता है।

अपनी इच्छा से लिया सेवानिवृत्ति का फैसला

इस मामले की महत्वपूर्ण बात यह है कि नरेंद्र पाल सिंह चौहान ने स्वयं सरकारी सेवा से समयपूर्व सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था।

आमतौर पर सरकारी कर्मचारी निर्धारित आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त होते हैं। लेकिन सेवा नियमों में कुछ शर्तों के अंतर्गत समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने का भी प्रावधान है।

ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन करना होता है।

नरेंद्र पाल सिंह चौहान के मामले में सरकार ने उनके अनुरोध पर विचार करने के बाद स्वीकृति प्रदान की है।

हालांकि, उन्होंने समयपूर्व सेवानिवृत्ति लेने का निर्णय किन व्यक्तिगत अथवा पेशेवर कारणों से लिया, इसकी जानकारी सरकारी अधिसूचना में नहीं दी गई है।

इसलिए उनके निर्णय को किसी विभागीय विवाद या अन्य कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा।

2022 के नियमों के तहत मिली मंजूरी

हिमाचल प्रदेश सरकार ने अधिकारी की समयपूर्व सेवानिवृत्ति को मंजूरी देने के लिए राज्य के सिविल सेवा नियमों का उपयोग किया है।

अधिसूचना में स्पष्ट रूप से हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (समयपूर्व सेवानिवृत्ति) नियम, 2022 के नियम 4(2) का उल्लेख किया गया है।

इसी प्रावधान के तहत राज्यपाल की ओर से समयपूर्व सेवानिवृत्ति का आदेश जारी किया गया है।

सरकारी आदेश जारी होने से अधिकारी के आवेदन की प्रशासनिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।

हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभ, पेंशन और अन्य सेवा संबंधी मामलों का निपटारा संबंधित नियमों तथा पात्रता के अनुसार होगा।

प्रधान सचिव एम. सुधा देवी के नाम से जारी हुआ आदेश

कार्मिक विभाग की अधिसूचना प्रधान सचिव (कार्मिक) एम. सुधा देवी के आदेश से जारी की गई है।

आदेश में संबंधित विभागों और अधिकारियों को इसकी प्रतियां भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

इनमें लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ, परियोजना शाखा के इंजीनियर-इन-चीफ और राज्य के अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त प्रधान महालेखाकार, मुख्यमंत्री कार्यालय, विभागाध्यक्षों और संबंधित अधिकारी को भी आदेश की प्रतियां भेजी गई हैं।

अधिसूचना की प्रतिलिपि अधिकारी की व्यक्तिगत सेवा फाइल में रखने के लिए भी निर्देशित की गई है।

मंडी जोन में संभाल रहे हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

नरेंद्र पाल सिंह चौहान वर्तमान में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के मंडी जोन में मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।

लोक निर्माण विभाग राज्य में सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण तथा रखरखाव से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है।

मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अधिकारी को अपने क्षेत्र से संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करनी होती है।

मंडी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क और सार्वजनिक निर्माण कार्यों का विशेष महत्व है।

इन क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों तथा मौसम की चुनौतियों के कारण बुनियादी ढांचे का रखरखाव महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

नरेंद्र पाल सिंह चौहान की सेवानिवृत्ति के बाद मंडी जोन में इन जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए सरकार को प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

नए मुख्य अभियंता की नियुक्ति पर रहेगी नजर

मुख्य अभियंता की समयपूर्व सेवानिवृत्ति का आदेश जारी होने के बाद मंडी जोन में आगामी प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

वर्तमान आदेश में केवल नरेंद्र पाल सिंह चौहान की सेवानिवृत्ति को मंजूरी देने का उल्लेख किया गया है।

उनकी जगह किसी दूसरे अधिकारी की नियुक्ति अथवा किसी मौजूदा अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपने के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिया गया है।

ऐसे में आगामी दिनों में लोक निर्माण विभाग या राज्य सरकार की ओर से अलग आदेश जारी होने की संभावना है।

हालांकि, नए अधिकारी की नियुक्ति को लेकर अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

सेवानिवृत्ति से पहले पूरी होंगी औपचारिकताएं

सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति के दौरान संबंधित अधिकारी को विभागीय अभिलेखों, लंबित कार्यों और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।

नरेंद्र पाल सिंह चौहान के मामले में भी निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

विभाग को उनके कार्यकाल से जुड़े रिकॉर्ड और सेवा संबंधी विवरणों के आधार पर आगे की कार्रवाई करनी होगी।

इसके साथ ही विभागीय कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।

सरकार की अधिसूचना से स्थिति हुई स्पष्ट

हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद नरेंद्र पाल सिंह चौहान की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की स्थिति स्पष्ट हो गई है।

सरकार ने उनके स्वयं के अनुरोध पर आवेदन स्वीकार किया है। अब वह 31 दिसंबर 2026 की दोपहर बाद सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

फिलहाल उनके स्थान पर नए अधिकारी की तैनाती को लेकर अलग आदेश की प्रतीक्षा है।

राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर 7 अक्टूबर को जारी समयपूर्व सेवानिवृत्ति आदेश भी उपलब्ध है।

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