हिमाचल प्रदेश

शिमला में OPD शिफ्टिंग के विरोध में प्रदर्शन जारी

Ratna Netam
1 May 2026 4:42 PM IST
शिमला में OPD शिफ्टिंग के विरोध में प्रदर्शन जारी
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: कमला नेहरू अस्पताल की गायनेकोलॉजी OPD को शिफ्ट करने के प्रशासनिक फैसले के खिलाफ स्थानीय लोग और मरीजों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। विरोध का कारण मुख्य रूप से यह है कि इस शिफ्टिंग से मरीजों को सुविधा में दिक्कत होने का डर है।
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने OPD को मुख्य भवन से एक अलग ब्लॉक में शिफ्ट करने का निर्णय लिया था। हालांकि, इस निर्णय से कई मरीजों और कर्मचारियों को असुविधा होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विशेषकर गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग मरीज अस्पताल के वर्तमान स्थान पर आसानी से पहुंच सकते हैं, लेकिन शिफ्टिंग के बाद उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे आपातकालीन सेवाओं में भी परेशानी आ सकती है।
एक मरीज ने कहा, “हम नियमित रूप से यहां आते हैं। OPD शिफ्ट होने से हमें समय और पैसे दोनों का नुकसान होगा। प्रशासन को हमारी राय जरूर सुननी चाहिए।”
प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के फैसले के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि OPD को वर्तमान स्थान पर ही बनाए रखा जाए।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि OPD शिफ्ट करने का उद्देश्य मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं और नए उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। हालांकि, प्रशासन ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों की चिंता को समझते हुए स्थिति का पुनः मूल्यांकन किया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारा मकसद मरीजों की सुविधा को और बेहतर बनाना है। लेकिन हम उनके सुझावों और चिंताओं को भी ध्यान में रखेंगे। कोशिश होगी कि कोई समस्या न आए।”
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल सेवाओं में बदलाव करते समय मरीजों और कर्मचारियों की सुविधा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इससे किसी तरह की असुविधा या विरोध की स्थिति नहीं उत्पन्न होती।
स्थानीय स्वास्थ्य संगठनों ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले में खुला संवाद स्थापित किया जाए।
प्रदर्शन का असर अस्पताल के सामान्य संचालन पर फिलहाल नहीं पड़ा है, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
इस विरोध प्रदर्शन के बीच, प्रशासन ने यह संकेत दिया है कि सभी पक्षों से चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और मरीजों के हित को सर्वोपरि रखा जाएगा।
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