हिमाचल प्रदेश

दिवाली की भीड़ के बीच निजी बसों ने बढ़ाया किराया

Kiran
8 Nov 2026 2:01 PM IST
दिवाली की भीड़ के बीच निजी बसों ने बढ़ाया किराया
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नई दिल्ली से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों (जिसमें शिमला और धर्मशाला शामिल हैं) के लिए चलने वाली ज़्यादातर प्राइवेट लग्ज़री बसों ने दिवाली से पहले अपना किराया काफ़ी बढ़ा दिया है। यात्रियों को सामान्य किराए से दोगुने से भी ज़्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली-शिमला रूट पर किराया लगभग 600 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया गया है। वहीं, हिमाचल सड़क परिवहन निगम (HRTC) सामान्य किराया ही ले रहा है, जबकि त्योहार के मौके पर घर जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट बसों के कामकाज पर उनका बहुत कम नियंत्रण है। ये बसें 'ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट' के तहत चलती हैं, जिसके लिए एक बार सालाना टैक्स चुकाना होता है और इसके बाद वे देश में कहीं भी चल सकती हैं।
एक अधिकारी ने बताया, "टिकट की कीमत के मामले में विभाग का ज़्यादा नियंत्रण नहीं होता, क्योंकि ये बसें 'कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट' के तहत चलती हैं। इस व्यवस्था में, किराया तय करने को लेकर ऑपरेटर और यात्रियों के बीच एक समझौता होता है।" उन्होंने आगे कहा कि जब भी ये बसें कॉन्ट्रैक्ट कैरिज के नियमों या किसी अन्य नियम का उल्लंघन करती पाई जाती हैं, तो इनका चालान काटा जाता है।
दूसरी ओर, HRTC कर्मचारियों का दावा है कि ये बसें पूरी तरह से 'कॉन्ट्रैक्ट कैरिज' के नियमों के हिसाब से नहीं चलतीं। उनका यह भी कहना है कि मांग के आधार पर इनके किराए में भारी उतार-चढ़ाव होता है, जिसका बुरा असर HRTC की कमाई पर पड़ता है। HRTC कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने कहा, "सामान्य दिनों में, जब मांग कम होती है, तो ये बसें अपना किराया HRTC के किराए से भी कम कर देती हैं, जिससे हमारे कारोबार को नुकसान होता है। वहीं, जब मांग ज़्यादा होती है, तो ये किराया बढ़ाकर खूब मुनाफा कमाती हैं।"
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