हिमाचल प्रदेश

अटल टनल पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परियोजना की ली जानकारी

Ratna Netam
7 Oct 2026 8:27 PM IST
अटल टनल पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  परियोजना की ली जानकारी
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मनाली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश के अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन रोहतांग स्थित अटल टनल का दौरा किया। राष्ट्रपति ने दुनिया की सबसे लंबी 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाली हाईवे टनल के रूप में मान्यता प्राप्त इस महत्वपूर्ण परियोजना को करीब से देखा और इसके निर्माण, संचालन तथा सामरिक महत्व से जुड़ी जानकारी ली। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार उनका हिमाचल प्रदेश दौरा 6 से 8 अक्टूबर तक निर्धारित है।
राष्ट्रपति मुर्मू के अटल टनल पहुंचने पर उनका स्वागत राज्य सरकार, जिला प्रशासन और अन्य अधिकारियों ने किया। उनके साथ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता और लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी मौजूद रहीं। तकनीकी शिक्षा मंत्री और मिनिस्टर-इन-वेटिंग राजेश धर्माणी, मंडी से सांसद कंगना रनौत, लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा, उपायुक्त किरण बडाना सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और सेना के जवान भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। राजेश धर्माणी ने राष्ट्रपति को स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने अटल टनल के दौरे के दौरान सीमा सड़क संगठन यानी BRO के अधिकारियों से परियोजना के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें टनल की संरचना, सुरक्षा व्यवस्था, संचालन और उच्च हिमालयी क्षेत्र में इसके महत्व से अवगत कराया। अटल टनल ने मनाली और लाहौल-स्पीति के बीच सालभर संपर्क बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे पहले सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रे से संपर्क लंबे समय तक प्रभावित रहता था।
अटल टनल करीब 9.02 किलोमीटर लंबी है और हिमालय की पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला में समुद्र तल से करीब 3,000 मीटर यानी लगभग 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी है। यह घोड़े की नाल के आकार की सिंगल-ट्यूब, डबल-लेन हाईवे टनल है। इसे आधुनिक वेंटिलेशन, अग्निशमन, प्रकाश और निगरानी प्रणालियों से लैस किया गया है।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने वर्ष 2022 में अटल टनल को 10 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित दुनिया की सबसे लंबी हाईवे टनल के रूप में मान्यता दी थी। टनल को 3 अक्टूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किया था। इसका निर्माण सीमा सड़क संगठन ने कठिन हिमालयी परिस्थितियों के बीच किया था।
अटल टनल के बनने से मनाली और लाहौल-स्पीति के बीच संपर्क में बड़ा बदलाव आया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस परियोजना ने मनाली से आगे की यात्रा में सड़क दूरी करीब 46 किलोमीटर कम की है और यात्रा समय में लगभग चार से पांच घंटे की कमी आई है। टनल ने स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, बाजारों और जरूरी वस्तुओं तक बेहतर पहुंच देने के साथ पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया है।
सामरिक दृष्टि से भी अटल टनल को महत्वपूर्ण माना जाता है। यह उच्च हिमालयी क्षेत्रों में नागरिक और रक्षा आवाजाही के लिए सालभर संपर्क उपलब्ध कराने में मदद करती है। कठिन मौसम और बर्फबारी के दौरान भी इसका महत्व बढ़ जाता है। राष्ट्रपति ने इसी महत्वपूर्ण परियोजना का निरीक्षण किया और वहां मौजूद अधिकारियों से इसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
राष्ट्रपति मुर्मू का अटल टनल दौरा उनके तीन दिवसीय हिमाचल प्रदेश कार्यक्रम का हिस्सा है। राष्ट्रपति भवन के मुताबिक उन्होंने 6 अक्टूबर को बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लिया था। कार्यक्रम के बाद वह मनाली पहुंचीं। 7 अक्टूबर के कार्यक्रम में अटल टनल के साथ मनाली के ऐतिहासिक हिडिंबा मंदिर का दौरा भी शामिल रहा।
मनाली पहुंचने पर राष्ट्रपति की अगवानी राज्यपाल कविंदर गुप्ता, सांसद कंगना रनौत और मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ समेत अन्य अधिकारियों ने की थी। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मनाली और लाहौल क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। विभिन्न मार्गों पर यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए गए ताकि राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही सुचारु रूप से हो सके।
बुधवार को राष्ट्रपति ने मनाली के ऐतिहासिक हिडिंबा मंदिर का भी दौरा किया। अधिकारियों के अनुसार इसके बाद उन्होंने लाहौल घाटी की ओर प्रस्थान किया और रोहतांग स्थित अटल टनल पहुंचीं। राष्ट्रपति भवन और प्रेस सूचना ब्यूरो ने भी उनके अटल टनल दौरे की तस्वीरें जारी की हैं।
राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान हिमाचल प्रदेश के प्राकृतिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्रमुखता मिली। अटल टनल न केवल देश की बड़ी इंजीनियरिंग परियोजनाओं में शामिल है, बल्कि लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम क्षेत्र को पूरे वर्ष देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी भी है।
राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा ऐसे समय हुआ जब हिमालयी क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे और ऑल-वेदर कनेक्टिविटी पर लगातार जोर दिया जा रहा है। अटल टनल इसी दिशा में विकसित प्रमुख परियोजनाओं में से एक है। राष्ट्रपति ने टनल के निरीक्षण के दौरान वहां कार्यरत अधिकारियों और जवानों से भी मुलाकात की तथा परियोजना से संबंधित जानकारी हासिल की।
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