हिमाचल प्रदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छह अक्टूबर से हिमाचल दौरे पर, नयना देवी मंदिर में छह घंटे बंद रहेंगे दर्शन

Kavita2
1 Oct 2026 5:05 PM IST
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छह अक्टूबर से हिमाचल दौरे पर, नयना देवी मंदिर में छह घंटे बंद रहेंगे दर्शन
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बिलासपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छह अक्टूबर से हिमाचल प्रदेश के दौरे पर रहेंगी। अपने कार्यक्रम के दौरान वह बिलासपुर और कुल्लू जिलों में विभिन्न आयोजनों में शामिल होंगी। राष्ट्रपति श्री नयना देवी जी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी तथा एम्स बिलासपुर के दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु वर्तमान में भारत की राष्ट्रपति हैं।

राष्ट्रपति के श्री नयना देवी जी मंदिर आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा कारणों से छह अक्टूबर को सुबह 7 बजे से दोपहर बाद 1 बजे तक मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। इस अवधि में किसी भी बाहरी या स्थानीय श्रद्धालु को मंदिर में प्रवेश और दर्शन की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे छह अक्टूबर को निर्धारित समय के दौरान मंदिर पहुंचने की योजना न बनाएं। राष्ट्रपति के दर्शन और पूजा-अर्चना की प्रक्रिया पूरी होने तथा सुरक्षा एजेंसियों की अनुमति मिलने के बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट दोबारा खोले जाएंगे।

श्री नयना देवी जी हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मंदिर तक जाने वाले मार्गों, प्रवेश द्वारों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। हिमाचल प्रदेश में कई प्रमुख शक्तिपीठ और धार्मिक स्थल हैं और नयना देवी भी राज्य के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में गिनी जाती हैं।

राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर प्रशासन, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। मंदिर परिसर के साथ आसपास के इलाकों में सुरक्षा जांच बढ़ाई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान केवल अधिकृत लोगों को ही निर्धारित क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति होगी।

जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति के आने-जाने वाले मार्गों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। सड़क मार्ग पर सुरक्षा, यातायात और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

राष्ट्रपति का दूसरा महत्वपूर्ण कार्यक्रम एम्स बिलासपुर में होगा। यहां आयोजित दीक्षा समारोह में वह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। समारोह में चिकित्सा शिक्षा पूरी करने वाले विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी।

एम्स बिलासपुर में राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए संस्थान परिसर में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास प्रवेश व्यवस्था नियंत्रित रहेगी और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही परिसर के निर्धारित हिस्सों तक जाने दिया जाएगा।

दीक्षा समारोह को लेकर एम्स प्रशासन भी तैयारियों में जुटा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, चिकित्सा अधिकारियों और अन्य आमंत्रित अतिथियों की मौजूदगी रहेगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इससे पहले भी शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के दीक्षा समारोहों में शामिल होती रही हैं। वह अपने संबोधनों में विद्यार्थियों से शिक्षा, पेशेवर जिम्मेदारी और समाज सेवा से जुड़े मूल्यों को अपनाने पर जोर देती रही हैं।

बिलासपुर के बाद राष्ट्रपति का कार्यक्रम कुल्लू जिले से भी जुड़ा रहेगा। उनके दौरे को लेकर कुल्लू प्रशासन भी सुरक्षा तैयारियों में जुटा हुआ है। हालांकि पूरे कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारणी सुरक्षा कारणों से सीमित स्तर पर साझा की जा रही है।

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए दोनों जिलों में सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। कार्यक्रम स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपात सेवाओं को सक्रिय रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

श्री नयना देवी मंदिर में छह घंटे तक श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक इस दौरे की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में से एक है। मंदिर में आम दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन के लिए भीड़ नियंत्रण एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।

सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक मंदिर बंद रहने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ बाद के समय में बढ़ सकती है। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन को दर्शन व्यवस्था सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी होगी।

राष्ट्रपति के आने से पहले मंदिर परिसर और आसपास की सुरक्षा जांच पूरी की जाएगी। प्रवेश मार्गों पर निगरानी बढ़ेगी और अधिकृत सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा।

राष्ट्रपति का यह हिमाचल दौरा धार्मिक और शैक्षणिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर वह श्री नयना देवी जी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी, वहीं दूसरी ओर एम्स बिलासपुर के विद्यार्थियों के दीक्षा समारोह में शामिल होकर उन्हें संबोधित करेंगी।

बिलासपुर प्रशासन ने संबंधित विभागों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साफ-सफाई, सड़क व्यवस्था, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात प्रबंधन की भी समीक्षा की जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान आम लोगों को परेशानी कम से कम हो, इसके लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जिन मार्गों से राष्ट्रपति का काफिला गुजरेगा, वहां कुछ समय के लिए यातायात रोका या नियंत्रित किया जा सकता है।

मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए छह अक्टूबर की समय सीमा सबसे महत्वपूर्ण होगी। सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे। इसके बाद ही सामान्य दर्शन व्यवस्था शुरू होने की संभावना है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर बिलासपुर और कुल्लू में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्यक्रम स्थलों और मार्गों का निरीक्षण कर रही हैं।

छह अक्टूबर से शुरू होने वाले इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति के कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

फिलहाल सबसे अधिक ध्यान श्री नयना देवी मंदिर और एम्स बिलासपुर के कार्यक्रमों पर है। मंदिर में छह घंटे के लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद रहेगा, जबकि एम्स में दीक्षा समारोह के लिए विशेष सुरक्षा और आयोजन व्यवस्था तैयार की जा रही है।

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