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हिमाचल प्रदेश
हमीरपुर में आयुर्वेदिक AIIMS की तैयारी तेज, 1500 से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार
nidhi
21 July 2026 7:46 AM IST

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हमीरपुर में बनेगा अत्याधुनिक आयुर्वेदिक AIIMS
HIMACHAL-PRADESH : आयुष स्वास्थ्य सेवाओं और पारंपरिक चिकित्सा को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के हमीरपुर जिले में प्रस्तावित आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) के लिए लगभग 75 एकड़ भूमि चिह्नित कर ली गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साकार होने पर न केवल प्रदेश में आधुनिक आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि 1,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का मानना है कि यह संस्थान हिमाचल को आयुर्वेद, शोध, चिकित्सा शिक्षा और वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है। परियोजना को लेकर प्रारंभिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं और संबंधित विभाग आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।
75 एकड़ भूमि पर बनेगा अत्याधुनिक संस्थान
प्रस्तावित आयुर्वेदिक एम्स के लिए हमीरपुर में लगभग 75 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। संस्थान में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ आयुर्वेद, पंचकर्म, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और औषधीय पौधों पर अनुसंधान के लिए विशेष केंद्र विकसित किए जाने की संभावना है।
इसके अलावा अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, अनुसंधान प्रयोगशालाएं, छात्रावास, आवासीय परिसर और प्रशिक्षण केंद्र जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा सकती हैं।
आयुर्वेद और शोध को मिलेगा बढ़ावा
यह संस्थान केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पर वैज्ञानिक अनुसंधान को भी बढ़ावा देगा। यहां नई दवाओं के विकास, औषधीय पौधों के संरक्षण और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आयुष क्षेत्र में उच्च शिक्षा और अनुसंधान को नई गति मिलेगी।
1500 से अधिक रोजगार की संभावना
परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। डॉक्टर, आयुर्वेद विशेषज्ञ, नर्सिंग स्टाफ, शोधकर्ता, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट, प्रशासनिक कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी और अन्य सहयोगी सेवाओं में युवाओं को रोजगार मिल सकता है।
निर्माण कार्य के दौरान भी स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
आयुर्वेदिक एम्स बनने से हमीरपुर और आसपास के क्षेत्रों में होटल, परिवहन, रेस्तरां, किराये के मकान, मेडिकल स्टोर और अन्य छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
इसके अलावा प्रदेश में स्वास्थ्य पर्यटन (Medical & Wellness Tourism) को भी नई दिशा मिल सकती है, जिससे देश-विदेश से मरीज और पर्यटक आकर्षित हो सकते हैं।
मरीजों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
संस्थान शुरू होने के बाद हिमाचल प्रदेश के लोगों को आयुर्वेद आधारित उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के लिए दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़ सकता है। यहां आधुनिक जांच सुविधाओं के साथ पारंपरिक उपचार पद्धतियों का समन्वय देखने को मिल सकता है।
गंभीर और दीर्घकालिक बीमारियों के उपचार, पंचकर्म, पुनर्वास और जीवनशैली संबंधी रोगों के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।
सरकार की बड़ी पहल
राज्य सरकार का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को आयुष और आयुर्वेद के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। प्रस्तावित संस्थान से चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार—चारों क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
हालांकि परियोजना के निर्माण, बजट और समय-सीमा से जुड़े अंतिम निर्णय संबंधित विभागों और केंद्र सरकार की स्वीकृतियों के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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