- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- राजस्थान में पौंग बांध...
राजस्थान में पौंग बांध विस्थापित MSP से कम पर गेहूं बेचने को मजबूर

Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: राजस्थान में बसे पौंग बांध विस्थापितों को अपनी गेहूं की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर प्रभावित किसानों और सामाजिक संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई है और इसे उनके अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
पौंग बांध परियोजना के निर्माण के बाद हिमाचल प्रदेश से विस्थापित हुए हजारों परिवारों को राजस्थान के विभिन्न इलाकों में बसाया गया था। इन परिवारों की आजीविका मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। लेकिन हाल के दिनों में सामने आया है कि इन किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों तक उचित पहुंच नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में अपनी फसल निजी व्यापारियों को कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है।
किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद केंद्रों की संख्या सीमित है और कई जगहों पर खरीद प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं होती। इसके अलावा, पंजीकरण और दस्तावेजों की जटिल प्रक्रिया भी किसानों के लिए एक बड़ी बाधा बन रही है। कई किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन फिर भी उनकी फसल की खरीद नहीं हो पाती।
एक प्रभावित किसान ने बताया, “हमारी मेहनत की फसल तैयार है, लेकिन सरकार की तरफ से खरीद की उचित व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में हमें व्यापारी को MSP से कम कीमत पर गेहूं बेचना पड़ रहा है, जिससे हमें भारी नुकसान हो रहा है।”
सामाजिक संगठनों और किसान नेताओं ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि विस्थापित परिवार पहले ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य न मिलना उनके लिए और भी कठिन स्थिति पैदा कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि MSP प्रणाली का उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाया जा सके। लेकिन यदि किसानों को MSP का लाभ नहीं मिल रहा है, तो यह नीति के उद्देश्य को ही कमजोर करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ानी चाहिए और प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए, ताकि हर किसान अपनी फसल को उचित मूल्य पर बेच सके।
राजस्थान सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि वे इस मुद्दे से अवगत हैं और जल्द ही स्थिति को सुधारने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने और किसानों को MSP का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, राजस्थान में पौंग बांध विस्थापितों की यह समस्या किसानों की आर्थिक स्थिति और सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है। यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया, तो इससे प्रभावित परिवारों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ सकता है। किसानों और संगठनों की मांग है कि सरकार तत्काल कार्रवाई करे और उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करे, ताकि उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।





