हिमाचल प्रदेश

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर हिमाचल में सियासत तेज, CM के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन

Kavita2
7 July 2026 11:22 AM IST
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर हिमाचल में सियासत तेज, CM के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन
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Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हिमाचल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में आंदोलन शुरू कर दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कथित चंदा चोरी के विरोध में प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए भाजपा पर निशाना साधा।

राम मंदिर में पूजा के बाद हनुमान मंदिर पहुंचे CM

प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू और कांग्रेस के अन्य नेता राम बाजार स्थित राम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीराम का आशीर्वाद लिया।

इसके बाद मुख्यमंत्री कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के साथ शिमला के जाखू स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचे और वहां भी पूजा की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए आरोप

हिमाचल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा लंबे समय से भगवान राम के नाम पर राजनीति करती रही है, लेकिन अब राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले में चुप्पी साधे हुए है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मंदिर में आने वाले करोड़ों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ दान करते हैं। ऐसे में दान से जुड़े किसी भी विवाद की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।

पार्टी ने मांग की है कि मामले की सच्चाई सामने लाई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

शिमला बैठक में लिया गया था आंदोलन का फैसला

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर आंदोलन करने का फैसला हाल ही में शिमला में हुई पार्टी की बैठक में लिया था।

बैठक में नेताओं ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार की थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पहला बड़ा प्रदर्शन किया गया।

कांग्रेस का कहना है कि आगे भी इस मुद्दे को जनता के बीच उठाया जाएगा।

आस्था से जुड़े मामले पर राजनीति गरमाई

अयोध्या राम मंदिर देशभर में करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो जाती है।

हिमाचल कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा पर हमला बोला है, वहीं भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया का इंतजार है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला हिमाचल की राजनीति में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकता है।

निष्पक्ष जांच की मांग

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मंदिर और श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निभाई धार्मिक उपस्थिति

प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू का मंदिरों में जाना भी राजनीतिक और धार्मिक दोनों नजरिए से देखा जा रहा है।

कांग्रेस ने इसे श्रद्धा और आस्था से जोड़ते हुए बताया कि पार्टी भगवान राम और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है।

वहीं, भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

आगे और तेज हो सकता है आंदोलन

कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिए हैं कि यदि मामले में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

पार्टी प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कार्यक्रम आयोजित कर सकती है।

फिलहाल हिमाचल में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजरें इस मामले पर राजनीतिक दलों की आगे की रणनीति और जांच से जुड़े घटनाक्रम पर टिकी हैं।

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