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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के कथित अपमान को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अब और तेज हो गया है। विधानसभा सचिवालय की ओर से वीडियो फुटेज जारी किए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि विधानसभा सचिवालय के वीडियो ने कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों की पोल खोल दी है और यह स्पष्ट कर दिया है कि सदन के भीतर राष्ट्रगान का कोई अपमान नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाएगी और मामले में अगली व्यवस्था यानी रूलिंग की मांग करेगी।
पांच दिन बाद जारी हुआ वीडियो
जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष की ओर से लगातार आग्रह किए जाने के बाद विधानसभा सचिवालय ने करीब पांच दिन बाद संबंधित वीडियो फुटेज सार्वजनिक किया। उनका कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो गई है।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं वीडियो को 10 से अधिक बार देखा है। उनके मुताबिक, फुटेज में ऐसा कोई दृश्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि सदन के भीतर राष्ट्रगान का अपमान किया गया।
उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों ने राष्ट्रगान के दौरान पूरे सम्मान और गरिमा का पालन किया। ऐसे में कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे को जिस तरह राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया गया, वह उचित नहीं है।
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को लेकर सीधे निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष और भाजपा को बदनाम करने के लिए राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक विवाद का रूप देने की कोशिश की गई।
जयराम ठाकुर का कहना है कि वीडियो फुटेज सामने आने के बाद अब यह स्पष्ट होना चाहिए कि वास्तविकता क्या थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान देश की एकता, अखंडता और सम्मान से जुड़ा विषय है और इसके बारे में किसी भी तरह की गलत जानकारी फैलाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को सदन में गंभीरता से उठाएगी और विधानसभा अध्यक्ष से पूरे मामले पर स्पष्ट व्यवस्था देने की मांग करेगी।
वीडियो को बताया महत्वपूर्ण साक्ष्य
भाजपा नेता ने विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी वीडियो को इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया। उनके अनुसार, वीडियो में सदन के भीतर मौजूद सदस्यों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं और इससे यह समझने में मदद मिलती है कि राष्ट्रगान के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय तथ्य सामने रखना जरूरी है। वीडियो सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर ही मामले पर चर्चा होनी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने फुटेज को बार-बार देखा और उन्हें कहीं भी ऐसा नहीं लगा कि राष्ट्रगान के दौरान किसी सदस्य ने उसका अपमान किया हो।
सदन की गरिमा का मुद्दा
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर विवाद के बीच विधानसभा की गरिमा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और सदन के भीतर होने वाली हर गतिविधि को लेकर जिम्मेदारी और मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
उनका कहना है कि यदि किसी घटना को लेकर कोई आपत्ति थी तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत उठाया जाना चाहिए था। लेकिन बिना तथ्यों की पुष्टि के किसी सदस्य या विपक्ष पर आरोप लगाना उचित नहीं है।
भाजपा की ओर से अब इस मामले को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाए जाने की तैयारी है। पार्टी चाहती है कि वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा हो और सदन में स्थिति स्पष्ट की जाए।
कांग्रेस-भाजपा के बीच बढ़ी तकरार
राष्ट्रगान विवाद ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव बढ़ा दिया है। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल करने के आरोप लगा रहे हैं।
भाजपा का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने विपक्ष को निशाना बनाने के लिए मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। वहीं, कांग्रेस की ओर से मामले को लेकर जो भी रुख सामने आया है, उसके बीच अब विधानसभा सचिवालय के वीडियो ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि अब वीडियो सबके सामने है और हर व्यक्ति स्वयं इसे देखकर वास्तविक स्थिति समझ सकता है।
10 से ज्यादा बार वीडियो देखने का दावा
जयराम ठाकुर ने विशेष रूप से कहा कि उन्होंने वीडियो फुटेज को 10 बार से अधिक देखा है। उन्होंने दावा किया कि फुटेज में सभी सदस्य राष्ट्रगान के दौरान सम्मान की मुद्रा में नजर आते हैं।
उन्होंने कहा कि वीडियो में उन्हें राष्ट्रगान के अपमान से जुड़ी कोई गतिविधि दिखाई नहीं दी। इसलिए इस मुद्दे पर लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि विपक्ष इस मामले में चुप नहीं बैठेगा और विधानसभा की निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखेगा।
अध्यक्ष से रूलिंग की मांग करेगी भाजपा
विवाद को लेकर भाजपा अब विधानसभा अध्यक्ष से अगली व्यवस्था यानी रूलिंग की मांग करने की तैयारी में है। पार्टी चाहती है कि वीडियो सहित उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अध्यक्ष इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करें।
जयराम ठाकुर ने संकेत दिया कि भाजपा सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी। उनका कहना है कि संवैधानिक संस्थाओं और विधानसभा की गरिमा से जुड़े विषयों पर स्पष्टता बेहद जरूरी है।
संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से जुड़ा मामला स्वाभाविक रूप से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में इस विवाद को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।
भाजपा की ओर से अब विधानसभा सचिवालय के वीडियो को अपने पक्ष का आधार बनाया जा रहा है। जयराम ठाकुर का कहना है कि फुटेज सामने आने के बाद कांग्रेस के आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है।
हालांकि, विवाद पर अंतिम स्थिति विधानसभा अध्यक्ष की व्यवस्था और आगे होने वाली कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब सदन में आगे की कार्रवाई पर नजर
वीडियो जारी होने के बाद विवाद का अगला चरण विधानसभा के भीतर देखने को मिल सकता है। भाजपा की ओर से रूलिंग की मांग किए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में क्या व्यवस्था देते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
फिलहाल जयराम ठाकुर ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा इस मुद्दे को आगे भी उठाएगी। उनका कहना है कि वीडियो में राष्ट्रगान के अपमान का कोई प्रमाण नहीं दिखाई देता और सभी सदस्यों ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान गाया।
इस तरह विधानसभा सचिवालय के वीडियो फुटेज के सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रगान विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा जहां इसे कांग्रेस के आरोपों की पोल खोलने वाला साक्ष्य बता रही है, वहीं अब यह मामला सदन की अगली कार्रवाई और विधानसभा अध्यक्ष की व्यवस्था की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।





